वैसे वियाग्रा टैबलेट पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. यह पुरुषों के लिंग में रक्त प्रवाह को बढ़ाने का काम करती है. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ब्रिटेन के एक अस्पताल में इस टैबलेट को एक मरीज की कोविड-19 से जान बचाने के लिए इस्तेमाल किया गया.
द सन की रिपोर्ट के अनुसार, मोनिका अल्मेडा नामक एक नर्स को वैक्सीनेशन के बावजूद कोविड-19 का संक्रमण हो गया था. 37 वर्षीया मोनिका गंभीर रूप से बीमार थीं और उनका वेंटिलेटर बंद होने से सिर्फ 72 घंटे दूर था. लेकिन उनका उपचार कर रहे डॉक्टरों ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें वियाग्रा की खुराक दी.
कुछ ही दिनों में, उनकी हालत सुधरने लगी और उनकी सांस सामान्य हो गई. उनका ऑक्सीजन लेवल आधा गिर गया था. लेकिन अब वह ठीक हो रही हैं.
वियाग्रा ने बचाई ज़िंदगी:
मोनिका के दो बच्चे हैं. उनका कहना है कि निश्चित रूप से वियाग्रा की वजह से उनकी जिंदगी बच गई. 48 घंटों के भीतर वियाग्रा की वजह से उनकी ब्लड वेसल खुल गई और उनके लंग्स ने रेस्पोंस करना शुरू कर दिया. दरअसल वियाग्रा टेबलेट आपकी ब्लड वेसल्स को एक्सपैंड करती है. ताकि रक्त प्रवाह अच्छे से हो.
मोनिका को अस्थमा की समस्या है. इसलिए उनके एयरसैक को मदद की जरूरत थी. हालांकि डॉक्टरों ने वियाग्रा देकर सिर्फ एक प्रयोग किया था. इससे पहले शायद ही ऐसा कभी कुछ किया गया हो. लिंकनशायर के गेन्सबोरो की में बतौर नर्स नियुक्त मोनिका लगभग दो महीने तक अस्पताल में रहने के बाद क्रिसमस पर अपने घर गई.
अक्टूबर 2021 में हुआ था संक्रमण:
अक्टूबर 2021 में मोनिका की कोविड -19 टेस्ट रिपोर्ट सकारात्मक आई थी. कुछ ही दिनों में उन्हें कोई गंध आना या खाने का स्वाद आना बंद ही गया था. लेकिन जब नर्स इलाज के लिए अस्पताल गई तो उन्हें कोई खास इलाज नहीं दिया गया.
लेकिन घर पर जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और वह ठीक से सांस नहीं ले पा रही थीं तो उनके पति ने 999 पर कॉल किया. उन्हें तुरंत आईसीयू में ले जाया गया और 16 नवंबर को वह कोमा में रखी गई क्योंकि उनकी हालत इतनी गंभीर थी.
पर अब मोनिका ठीक हो रही हैं और अपने पति व बच्चों के साथ हैं.