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Sharif Family's India Connection: पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की फैमिली का भारत के इस गांव से है कनेक्शन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का पंजाब के तरनतारन के जाति उमरा गांव से खास कनेक्शन है. इस गांव में शरीफ फैमिली की पुश्तैनी घर है. शरीफ फैमिली की पुश्तैनी हवेली की जगह गुरुद्वारा बन गया है. इस जमीन को शरीफ फैमिली ने गांव को दान दी थी. शहबाज शरीफ के परदादा मुहम्मद बख्श की कब्र भी इस गांव में है.

Shehbaz Sharif
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2025,
  • अपडेटेड 2:04 PM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जड़ें भारत से जुड़ी हैं. शहबाज की फैमिली पंजाब के तरनतारन से ही पाकिस्तान गई थी. उनके दादा परदादा की कब्र आज भी जाति उमरा गांव में है. यह गांव अमृतसर से 35-40 किलोमीटर दूर है. पंजाब के इस गांव की फैमिली ने सालों तक पाकिस्तान में राज किया है. शहबाज शरीफ के भाई नवाज शरीफ भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं. जबकि इस फैमिली की मरियम नवाज पाकिस्तान के सूबे पंजाब की मुख्यमंत्री हैं.

कहां है जाति उमरा गांव-
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की फैमिली का तरनतारन के जाति उमरा गांव से खास कनेक्शन है. ये उनकी फैमिली का पैतृक गांव है. परिवार की पुश्तैनी हवेली अब गुरुद्वारे में बदल दी गई है. इस गुरुद्वारे में जो भी कंस्ट्रक्शन होता है, उसके लिए पैसे का इंतजाम गांववाले चंदा लगाकर करते हैं. गांव में आज भी शहबाज और नवाज शरीफ के परदादा मियां मुहम्मद बख्श की कब्र मौजूद है.

शहबाज शरीफ के भाई आए थे पुश्तैनी गांव-
साल 1976 तक ये हवाली शरीफ फैमिली की थी. नवाज शरीफ के भाई अब्बास शरीफ ने इस हवेली को गांव को दान कर दिया था. अब्बास शरीफ भी पाकिस्तान की सियासत में सक्रिय रहे. अब्बास बिजनेसमैन भी थे. वो इस गांव में आते थे. उनका निधन साल 2013 में हो गया. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक गांववाले बताते हैं कि साल 1976 में जब अब्बास गांव आए थे तो हवेली जर्जर हो गई थी. इसलिए उन्होंने इसे गांव को दान दे दिया. इस हवेली के पास एक गुरुद्वारा था, जिसका अब विस्तार किया गया है.

इस नाम पर पाकिस्तान में बसाया गांव-
शरीफ फैमिली को अपने गांव से इतना लगाव था कि उन्होंने इसी नाम से पाकिस्तान में भी एक गांव बसाया. पाकिस्तान में ये गांव इकबाल तहसील में युनियन काउंसिल 124 में है. इस गांव में शरीफ फैमिली की आलीशान हवेली और एस्टेट है. आज भी शरीफ फैमिली से इस गांव के लोग संपर्क में रहते हैं.

मुहम्मद शरीफ पाकिस्तान के जाने-माने बिजनेसमैन थे. उनका पैतृक गांव जाति उमरा है. साल 1937 में वो गांव छोड़कर लाहौर चले गए और अपना बिजनेस बढ़ाने लगे. मुहम्मद शरीफ इत्तेफाक ग्रुप के को-फाउंडर और शरीफ ग्रुप के फाउंडर थे.

सियासत में शरीफ फैमिली का दबदबा-
इस फैमिली से आने वाली नवाज शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं. जबकि उनके भाई शहबाज शरीफ 2 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं. इस वक्त भी शहबाज शरीफ ही पीएम हैं. नवाज और शहबाज दोनों पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इस समय पंजाब के मुख्यमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज हैं. वो फरवरी 2024 से इस पद पर हैं. जबकि इस फैमिली से आने वाले हमजा शाहबाज भी अप्रैल 2022 से जुलाई 2022 से मुख्यमंत्री रहे थे.

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