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Father's Day: इस लड़की की वजह से मनाया जाता है फादर्स डे, जानिए इतिहास

Father's Day History: हर साल जून के महीने में तीसरे रविवार को पिताओं के सम्मान में फादर्स डे मनाया जाता है.

Father's Day
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

कहते है कि दुनिया में मां और बच्चे का रिश्ता सबसे बड़ा होता है. मां बच्चे को जन्म देती है, उसे बड़ा करती है. लेकिन एक पिता बच्चे को सभ्य बनाने के साथ ही उसके भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाता है. बच्चे के जीवन में पिता का रोल मां जितना ही अहम होता है. पिता त्याग और समर्पण का उदाहरण है.

एक पिता ही बच्चे को समाज की हर बुराई से बचाता है. पिता बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खुद संघर्ष करते हैं. बच्चे को सही मार्ग दिखाने के लिए पिता को कठोर बनना पड़ता है. पिता अक्सर बच्चे के प्रति उस तरह प्यार नहीं जता पाते, जैसे मां जताती हैं. लेकिन बिना दिखाए या जताए जीवन भर की खुशियां बच्चे को देने का काम एक पिता ही कर सकता है. पिता के इसी प्रेम, और त्याग को सम्मान देने के लिए दुनिया के तमाम देशों में फादर्स डे मनाया जाता है.

और इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि फादर्स डे मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई. दुनियाभर के सभी पिताओं को सम्मान देने के लिए हर साल फादर्स डे मनाया जाता है. जून के तीसरे रविवार के दिन फादर्स डे मनाने की परंपरा है. आपको बता दें कि इस दिन को औपचारिक तौर पर मनाने की शुरुआत 1910 से हुई थी.

कब और कहां मनाया गया पहला फादर्स डे?
फादर्स डे पहली बार
1908 में मनाया गया था. पश्चिम वर्जीनिया के एक चर्च ने पिता के सम्मान में एक विशेष आयोजन किया, क्योंकि दिसंबर 1907 में मोनोंगा में फेयरमोंट कोल कंपनी की खदानों में विस्फोटों में 362 लोग मारे गए थे. चर्च जाने वाले लोगों ने इस मौके पर जीवित और मृत, दोनों पिताओं का सम्मान करने के लिए लाल और सफेद गुलाब अर्पित किए ताकि एक पिता की गरिमा को सम्मानित किया जा सके.

हालांकि, यह सिर्फ एक बार का आयोजन था. बाद में दोबारा इसे नहीं मनाया गया. दो साल बाद, वॉशिंगटन राज्य ने जून 1910 में अपना पहला फादर्स डे मनाया, और इसका श्रेय जाता है सोनोरा स्मार्ट डोड को, जिन्होंने फादर्स डे के लिए अभियान चलाया.

पिता ने मां बनकर पाला
फादर्स डे मनाने की शुरुआत 19 जून 1910 से हुई थी. वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में पहली बार फादर्स डे मनाया गया था. पिता को सम्मान देने के लिए इस दिन की शुरुआत एक बेटी ने की. वॉशिंगटन में रहने वाली इस बेटी के लिए उनके पिता मां से भी बढ़कर थे. फादर्स डे को मनाने के पीछे एक बेटी और पिता के प्यार की रोचक कहानी है.

वॉशिंगटन में सोनोरा नाम की एक लड़की रहती थी. मां के देहांत के बाद उसके पिता ने ही अकेले उसकी और उसके भाई-बहनों की परवरिश की. पिता ने एक मां की तरह बेटी को प्यार दिया और साथ ही, एक पिता की तरह उसकी सुरक्षा की. सोनोरा को अपने पिता से बहुत प्यार था, जिनके कारण उन्हें मां की कमी महसूस नहीं होती थी.
सोनोरा के मन में ख्याल आया कि जब मां के मातृत्व को समर्पित मदर्स डे मनाया जा सकता है तो फिर पिता के प्रेम और स्नेह के सम्मान में फादर्स डे भी मनाया जा सकता है.

फादर्स डे मनाने के लिए याचिका
सोनोरा के पिता का जन्मदिन जून में होता था. इसलिए उन्होंने जून में फादर्स डे मनाने की याचिका दायर की. फादर्स डे मनाने के लिए अपनी याचिका को सफल कराने के लिए उन्होंने यूएस तक में कैंप लगाए. आखिरकार उनकी मांग पूरी हुई और 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया.

बाद में साल 1916 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने फादर्स डे मनाने के प्रस्ताव को स्वीकार किया. साल 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने फादर्स डे को राष्ट्रीय आयोजन घोषित कर दिया. बाद में 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने फादर्स डे को जून के तीसरे रविवार को मनाने का ऐलान किया. 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस दिन अवकाश की घोषणा की.

 

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