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Green Card: ग्रीन कार्ड लेने के क्या हैं नियम? भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में क्यों हो रही देरी? जानिए इसके बारे में सबकुछ

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत, चीन, मैक्सिको और फिलीपींस के लोगों के लिए ग्रीन कार्ड के लिए लंबा इंतजार कोटा सिस्टम की वजह से है. देश के इस कोटा सिस्टम में बदलाव यूएस कांग्रेस ही कर सकती है.

Green Card
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2023,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST
  • ग्रीन कार्ड होल्डर अमेरिका के सिटिजन नहीं होते
  • ग्रीन कार्ड्स की मुख्य बातें

अनेक भारतीय परिवार अमेरिकी वीजा और ग्रीन कार्ड के वेटिंग टाइम से परेशान हैं. जो भारतीय अमेरिका में नौकरी करते हैं उन्हें वहां रहने के लिए ग्रीन कार्ड मिलता है. इसे अमेरिकी सरकार जारी करती है. लेकिन पिछले कुछ समय से ग्रीन कार्ड लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. अब इसकी वजह भी संयुक्त राज्य अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताई है. हालांकि ग्रीन कार्ड की लंबी वेटिंग को कम करने के लिए अमेरिकी सरकरा ईगल एक्ट ला रही है.

अमेरिकी कोटा सिस्टम की वजह से हो रही देरी

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत, चीन, मैक्सिको और फिलीपींस के लोगों के लिए ग्रीन कार्ड के लिए लंबा इंतजार कोटा सिस्टम की वजह से है. देश के इस कोटा सिस्टम में बदलाव यूएस कांग्रेस ही कर सकती है. कोटा सिस्टम के आधार पर ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं. हर देश के लिए ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए एक निश्चित कोटा होता है. एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कानूनी तौर पर 2.2 करोड़ लोग हैं जिनके पास वहां की नागरिकता नहीं है.

केवल 7 प्रतिशत ग्रीन कार्ड ही जारी कर सकता है

हर साल अमेरिकी Immigration डिपार्टमेंट लगभग 140,000 इम्पलॉई बेस्ड ग्रीन कार्ड जारी करता है. और Family-Sponsored Preference वाले ग्रीन कार्ड की सालाना सीमा पूरी दुनिया के लिए 2,26,000 है. लेकिन इसमें भी एक पेंच हैं. क्योंकि परिवार के सदस्यों को दिए जाने वाले और रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर हर देश के लिए सालाना सात प्रतिशत का कोटा है. यह संख्या पूरी दुनिया से अमेरिका आने वालों के लिए है, ना कि सिर्फ भारत के लोगों के लिए. यही वजह है कि भारत, चीन, मैक्सिको और फिलीपींस के लोगों को आम तौर पर अन्य देशों के लोगों की तुलना में ग्रीन कार्ड के लिए लंबे समय तक इंतजार करना होता है. क्योंकि फैमिली और इम्पलॉयमेंट पर आधारित ग्रीन कार्ड की मांग 7 प्रतिशत से ज्यादा है. जबकि अमेरिकी नियमों के मुताबिक एक साल में करीब 9,800 लोग ही भारत से ग्रीन कार्ड हासिल कर सकते हैं.

क्या है ग्रीन कार्ड

ग्रीन कार्ड को स्थायी निवासी कार्ड के रूप में भी जाना जाता है. ये अप्रवासियों को जारी किया जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी निवासी बनकर आए हैं. ग्रीन कार्ड होने से आप अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकते हैं और काम कर सकते हैं. US सिटीजनशिप और इमीग्रेशन सर्विसेज ग्रीन कार्ड जारी करती हैं.

ग्रीन कार्ड लेने के क्या है नियम

  • ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए आपकी आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए.

  • अगर आप अमेरिका में 5 साल से ज्यादा रह चुके हैं तो ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

  • अगर आप अमेरिका में स्थाई रूप से रहने वाले किसी नागरिक के रिश्तेदार हैं, तो आप ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इस कैटेगरी में सगे संबंधी, मंगेतर आते हैं.

  • अगर आप अमेरिका में नौकरी करते हैं तो आप ग्रीन कार्ड के पात्र हो सकते हैं.

  • 1 जनवरी 1972 से अमेरिका में रहने वाला कोई भी शख्स ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है.

  • ग्रीन कार्ड होल्डर्स को अपनी प्राथमिक सिटिजनशिप अमेरिका की रखनी होती है.

  • ग्रीन कार्ड होल्डर्स को अमेरिका में इनकम टैक्स फाइल करना होता है.

  • ग्रीन कार्ड की वैलिडिटी 10 साल तक होती है. इसके बाद इसे रिन्यू कराना होता है.

  • ग्रीन कार्ड होल्डर अमेरिका के सिटिजन नहीं होते और न ही वोट कर सकते.

  •  ग्रीन कार्ड की मदद से अप्रावासियों को भी अमेरिकी नागरिकों जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

 

 

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