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Yevgeny Prigozhin: जानिए कौन थे येवगेनी प्रिगोझिन, जिनकी बगावत ने उड़ा दी थी पुतिन की नींद, विमान हादसे में हुई मौत

रूसी निजी सैन्य कंपनी वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में प्रमुख नामों में से एक थे. रूस की सेना की आलोचना के कारण उन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए संभावित खतरे के रूप में देखा जाने लगा था.

Yevgeny Prigozhin
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 24 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST
  • कहा जाता था पुतिन का पर्सनल शेफ
  • बचपन से क्रिमिनल थे प्रिगोझिन

कुछ दिनों पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ बगावत करने वाले वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन की कथित तौर पर एक विमान हादसे में मौत हो गई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रूसी समाचार एजेंसी टास के हवाले से यह जानकारी दी है. रूस में मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जा रहा एक बिजनेस जेट बुधवार (23 अगस्त) को क्रैश हो गया. विमान में क्रू समेत दस यात्री सवार थे. हादसे में सभी की कथित तौर पर मौत हो गई है. दावा किया जा रहा है कि येवगेनी प्रिगोझिन का नाम भी यात्रियों की लिस्ट में शामिल था.

कहा जाता था पुतिन का पर्सनल शेफ
येवगेनी प्रिगोझिन वैगनर ग्रुप के संस्थापक थे. यह ग्रुप एक प्राइवेट किराए के सैनिकों की सेना है. एक समय था जब प्रिगोझिन व्लादिमीर पुतिन के बहुत करीब थे और उन्हें उनका "पर्सनल शेफ" कहा जाता था. हालांकि, बाद में उन्होंने पुतिन के खिलाफ ही विद्रोह कर दिया था. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण में अपने ग्रुप की करीबी भागीदारी और क्रेमलिन के लिए जीत हासिल करने के कारण वह सुर्खियों में आ गए थे. 

यूक्रेन युद्ध से निपटने को लेकर देश के सैन्य अधिकारियों की आलोचना करने के बाद, प्रिगोझिन ने दो महीने पहले पुतिन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह किया और 23 जून तक इसका नेतृत्व किया. उनके समूह ने मास्को की ओर मार्च करना शुरू कर दिया था, सैन्य विमानों को मार गिराया और रूसी सैनिकों को नुकान पहुंचाया. लेकिन जब बेलारूसी नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने एक डील की तो इस विद्रोह को अचानक रोक दिया गया. 

वैगनर बॉस के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप हटा दिए गए थे और उन्हें पड़ोसी देश बेलारूस जाना था. पुतिन ने उस समय एक भाषण में कहा था कि "देशद्रोह के रास्ते" पर चलने वालों को सजा मिलेगी. 

बचपन से थे क्रिमिनल 
पुतिन और प्रिगोझिन की शुरुआत बहुत छोटी थी, और वैगनर प्रमुख सेंट पीटर्सबर्ग के मुश्किल इलाकों में पले-बढ़े, जो राष्ट्रपति पुतिन का होमटाउन भी है. पुतिन और प्रिगोझिन एक-दूसरे को 1990 के दशक से जानते हैं. रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, धोखाधड़ी और डकैती के आरोप में प्रिगोझिन नौ साल जेल में रहे और अपनी रिहाई के बाद वह पुतिन से मिले थए. 

जेल से छूटने के बाद, वह फूड बिजनेस करने लगे थे. पुतिन की जन्मदिन की पार्टियों के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और फ्रांस के जैक्स शिराक सहित आने वाले नेताओं के साथ डिनर पार्टी  के लिए भी प्रिगोझिन ने फूड सर्विस दी. द मॉस्को टाइम्स की एक हेडलाइन में एक बार प्रिगोझिन को पुतिन का "पर्सनल शेफ" कहा गया था. 

साल 2014 में शुरू किया वैगनर ग्रुप 
प्रिगोझिन को बाद में स्कूलों और रूस के सशस्त्र बलों के लिए फूड कॉन्ट्रैक्ट मिलने लगे. उन्होंने 2010 में पुतिन को अपनी नई फूड-प्रोसेसिंग फैक्ट्री की सैर कराई थी. हालांकि, इसके बाद उन्होंने एक अलग दिशा पकड़ी. प्रिगोझिन ने प्राइवेट आर्मी बनाकर नेताओं को और मुश्किल इलाकों में रूसी सेना को मदद देनी शुरू की. हिटलर का म्यूजिक कंपोजर रिचर्ड वैगनर प्रिगोझिन का आदर्श है. इसलिए अपनी प्राइवेट आर्मी का नाम वैगनर रख लिया.

हालांकि, सबूत होने के बावजूद वह सालों तक इस संदिग्ध संगठन से अपने संबंध से इनकार करते रहे. 
इस बीच, उनका व्यापारिक साम्राज्य जल्द ही फूड और युद्धक्षेत्रों से भी आगे बढ़ गया. उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) नामक एक रूसी ट्रोल फार्म भी स्थापित किया, जहां 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने और उसे कमजोर करने के लिए प्रिगोझिन ने लोगों को पैसे दिए. 

युक्रेन में रही अहम भूमिका 
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 2018 में IRA को प्रतिबंधित किया, और उस पर "बड़ी संख्या में नकली ऑनलाइन लोग बनाने और प्रबंधित करने का आरोप लगाया, जो सोशल मीडिया पर जमीनी स्तर के संगठनों, हित समूहों और एक राज्य राजनीतिक दल को शामिल करने के लिए वैध अमेरिकी लोगों के रूप में पेश किए गए थे."

यूक्रेन पर रूस के 2022 के आक्रमण के बाद, वैगनर ने रूस का साथ दिया और इसकी सेनाएं सोलेडर और बखमुत के यूक्रेनी शहरों पर कब्ज़ा करने में भारी रूप से शामिल थीं. और, एक समय कैमरे से डरने वाले व्यक्ति, प्रिगोझिन सोशल मीडिया स्टार बन गए, और बहुत ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाई.

पुतिन के लिए बने परेशानी
वैगनर को अपने स्वयं के सैनिकों के जीवन की उपेक्षा के लिए जाना जाता है. ग्रुप की क्रूर और अक्सर अराजक रणनीति के कारण बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. प्रिगोझिन ने अपने इरादों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है और अक्सर क्रेमलिन की मिलिट्री के विपरीत खुद को सक्षम रूप में पेश किया. 

लेकिन, हाल के महीनों में प्रिगोझिन ने रूस के सैन्य नेताओं के मुखर आलोचक बनकर पुतिन के लिए दुविधा पैदा कर दी है. मई की शुरुआत के एक विशेष रूप से गंभीर वीडियो में, प्रिगोझिन ने रूसी सेना पर मोर्चा खोल दिया था और अपने मृत सैनिकों के शवों के पास खड़े होकर रूसी सेना को निशाना बनाया. 

पुतिन ने वैगनर को बताया था देशद्रोही
पूर्वी शहर बखमुत की भीषण लड़ाई में क्रेमलिन से समर्थन न मिलने की शिकायत करने के बाद, उन्होंने मई में घोषणा की कि उनके सैनिक वापस चले जाएंगे. प्रिगोझिन ने जून में क्रेमलिन के खिलाफ चौतरफा विद्रोह शुरू किया था. वैगनर विद्रोह तब शुरू हुआ जब प्रिगोझिन ने रूसी सेना के खिलाफ एक नया हमला किया और फिर अपने सैनिकों को रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में मार्च किया. 

महीनों से चल रहे आंतरिक तनाव को अचानक बढ़ते हुए देखकर, पुतिन ने वैगनर के कार्यों को "देशद्रोह" कहा. राष्ट्रपति ने एक संबोधन में कहा, "यह हमारे देश और हमारे लोगों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है." प्रिगोझिन ने इसका टेलीग्राम पर जवाब देते हुए कहा कि पुतिन से "गहरी गलती" हुई है. वैगनर प्रमुख ने कहा था, "हम अपनी मातृभूमि के देशभक्त हैं, हम लड़े और लड़ रहे हैं."

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