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Navpancham Rajyog 2026: गुरु और चंद्रमा की युति से बन रहा है नवपंचम योग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे धन और तरक्की के द्वार

ज्योतिषीय गणना के अनुसार 16 सितंबर 2026 का दिन बेहद खास माना जा रहा है. आज अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान देवगुरु बृहस्पति और वृश्चिक राशि में स्थित चंद्रमा मिलकर 'नवपंचम राजयोग' का निर्माण कर रहे हैं, जिससे 4 राशियों का फायदा मिलता दिखाई दे रहा है.

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Navpancham Rajyog 2026 Navpancham Rajyog 2026

16 सितंबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास बताया जा रहा है. दरअसल खगोलीय घटना के लिहाज से आज का दिन खास होने वाला है. आज ही वह दिन है जब देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की स्थिति से नवपंचम योग बनने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु और चंद्रमा का यह संबंध कुछ राशियों के लिए धन, करियर और सफलता से जुड़े अच्छे संकेत लेकर आता है.

कैसे बन रहा है नवपंचम राजयोग?
आज चंद्रमा मंगल के स्वामित्व वाली वृश्चिक राशि में रहेंगे. वहीं देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं. इन दोनों ग्रहों के बीच पांचवीं और नौवीं स्थिति यानी त्रिकोण का संबंध बन रहा है, जिसे नवपंचम योग कहा गया है. ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, विस्तार और शुभता से जोड़कर देखा जाता है, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं के कारक माने जाते हैं. दोनों के इस नवपंचम संबंध को गजकेसरी के समान शुभ प्रभाव वाला बताया गया है.

कर्क राशि 
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु उनकी ही राशि यानी प्रथम भाव में उच्च अवस्था में हैं. वहीं वृश्चिक राशि का चंद्रमा पंचम भाव से गुरु के साथ नवपंचम योग बना रहा है. इस स्थिति को शिक्षा, संतान और ज्ञान से जुड़े मामलों के लिए शुभ माना गया है. विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं. संतान से जुड़ी कोई परेशानी चल रही है तो उसमें राहत मिल सकती है. साथ ही अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं.

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में ही आज चंद्रमा का गोचर होगा. इस वजह से चंद्रमा लग्न भाव में रहेंगे और नौवें भाव में मौजूद गुरु के साथ नवपंचम संबंध बनाएंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इससे लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं. कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने के संकेत हैं. इसके अलावा धार्मिक यात्रा या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है और मानसिक शांति का अनुभव हो सकता है.

मकर राशि 
मकर राशि के जातकों के लिए चंद्रमा ग्यारहवें भाव यानी आय और लाभ के भाव में रहेंगे. वहीं गुरु सातवें भाव में बैठकर चंद्रमा के साथ नवपंचम संबंध बनाएंगे. इसका असर आमदनी से जुड़े मामलों पर देखने को मिल सकता है. आय बढ़ने और कमाई के नए रास्ते खुलने के संकेत हैं. वैवाहिक जीवन में भी मिठास बढ़ सकती है और जीवनसाथी के सहयोग से कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है. साझेदारी में कारोबार करने वालों के लिए बड़ी डील के योग भी बताए गए हैं, जिससे आगे चलकर मुनाफा हो सकता है.

मीन राशि 
मीन राशि के जातकों के राशि स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और वह पंचम भाव में उच्च अवस्था में बताए गए हैं. वहीं चंद्रमा नौवें भाव से गोचर कर रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस स्थिति में भाग्य का साथ मिल सकता है. करियर में प्रमोशन या इंक्रीमेंट के संकेत हैं. कारोबार करने वाले लोगों को किसी विदेशी या बड़े क्लाइंट से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना बताई गई है. साथ ही पुरानी परेशानियों और तनाव से राहत मिल सकती है.

शुभ प्रभाव बढ़ाने के लिए करें ये उपाय
नवपंचम योग के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं. इसके लिए भगवान शिव को जल में थोड़ा कच्चा दूध और हल्दी मिलाकर अर्पित करने की बात कही गई है. इसके अलावा देवगुरु बृहस्पति के मंत्र का 108 बार जाप करने का उपाय बताया गया है. मंदिर में या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चना दाल या पीली मिठाई का दान करना भी शुभ माना गया है.
 

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