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Brihaspati Drishti: बृहस्पति की दृष्टि इतनी महत्वपूर्ण क्यों? किसी भी ग्रह या भाव की अशुभता को नष्ट कर जीवन में लाती है सुख-समृद्धि 

Simple Tips to Strengthen Jupiter: ज्योतिष में बृहस्पति की दृष्टि अत्यंत शुभ और शक्तिशाली मानी जाती है. बृहस्पति की दृष्टि किसी भी ग्रह या भाव की अशुभता को नष्ट कर जीवन में सुख, भाग्य और ज्ञान का संचार करती है. 

Brihaspati Brihaspati

हर ग्रह के पास एक ही दृष्टि होती है सातवीं लेकिन बृहस्पति, मंगल और शनि के पास विशेष दृष्टियां भी होती हैं. बृहस्पति के पास सातवीं, पांचवीं और नवीं दृष्टि होती है. ज्योतिष में बृहस्पति की दृष्टि अत्यंत शुभ और शक्तिशाली मानी जाती है. यह जिस ग्रह या भाव पर पड़ती है, उसको अत्यंत शुभ कर देती है. बृहस्पति का बैठना अशुभ होता है, देखना अत्यंत शुभ होता है. 

बृहस्पति की दृष्टि का अलग अलग ग्रहों पर क्या असर होता है?
यदि सूर्य पर दृष्टि हो तो व्यक्ति को खूब मान-सम्मान मिलता है. राज्य से सहायता और कृपा प्राप्त होती है. यदि चंद्र पर दृष्टि हो तो मानसिक स्थिरता मिलती है. साथ ही व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है. अगर मंगल पर दृष्टि हो तो व्यक्ति अति पराक्रमी हो जाता है. बुध पर दृष्टि हो तो व्यक्ति काफी बुद्धिमान और ज्ञानी होता है. ऐसे लोग शिक्षा और सलाहकारिता के क्षेत्र में खूब सफल होते हैं. 

बृहस्पति की दृष्टि का बाकी ग्रहों पर क्या होता है असर 
शुक्र पर दृष्टि हो तो व्यक्ति वैभवशाली होता है. इसके साथ ही व्यक्ति का चैत्र काफी मजबूत होता है. शनि पर दृष्टि हो तो व्यक्ति को अध्यात्मिक उपलब्धि मिलती है. राहु केतु पर दृष्टि हो तो इन ग्रहों के दुष्प्रभाव नष्ट हो जाते हैं. ये ग्रह अच्छा फल प्रदान करना शुरू कर देते हैं. 

बृहस्पति को ग्रहों में कहा जाता है गुरु 
बृहस्पति को ग्रहों में गुरु कहा जाता है. बृहस्पति का प्रभाव यदि जीवन पर हो तो व्यक्ति बहुत ज्ञानी और गंभीर हो जाता है. बृहस्पति आयु को, धर्म को और ज्ञान को प्रभावित करते हैं. इससे जीवन में व्यक्ति को मान-सम्मान मिलता है, प्रतिष्ठा मिलती है और दर्शन प्राप्त होता है. यदि बृहस्पति कमजोर है तो व्यक्ति के जीवन में ईश्वर की कृपा कम हो जाती है या नहीं होती है. व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्या अवश्य आती है. यदि पत्नी है तो पति की तरफ से कष्ट होता है और यदि पति है तो पत्नी की तरफ से कष्ट होता है. बृहस्पति अगर अनुकूल ना हो तो व्यक्ति को मोटापे की, लिवर की, मधुमेह यानी डायबिटीज़ की या अहंकार की समस्या परेशान करती है. बृहस्पति अगर अनुकूल नहीं होगा तो थोड़ा सा ज्ञान पाने के बाद ही आपके अंदर अहंकार भर जाएगा.

बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय
1. यदि बृहस्पति को अनुकूल करना चाहते हैं तो सिर्फ सात्विक आहार ग्रहण करिए.
2. मांस-मदिरा का प्रयोग करना बंद कर दीजिए.
3. भोजन करने से पहले हाथ जोड़ करके प्रार्थना करिए. भगवान की कृपा के लिए आभार व्यक्त करिए.
4. भोजन में बेसन जरूर खाएं और भोजन के साथ या भोजन के बाद थोड़ा सा मीठा भी खाएं.
5. पीले फल का और केसर का प्रयोग करें.
6. भोजन करने के पहले प्रभु को भोजन का भोग लगाएं और इसके बाद भोजन ग्रहण करें.