Chandra Parvat
Chandra Parvat
ज्योतिष और हस्तरेखा विज्ञान के माध्यम से चंद्रमा के पर्वत का महत्व समझाया गया. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने चंद्रमा के पर्वत के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि हथेली में बुध पर्वत के नीचे का हिस्सा चंद्र पर्वत कहलाता है. यह व्यक्ति के मन, आर्थिक स्थिति और स्वभाव को दर्शाता है.
चंद्र पर्वत से आकस्मिक दुर्घटनाओं, व्यक्ति के सोचने के तरीके और जीवन की योजनाओं को समझा जा सकता है. अगर चन्द्रमा का पर्वत उभार लिए हुए है तो उत्तम है. ऐसे लोगों का मन मजबूत होता है. सोचे हुए कार्य को करने की ताकत इनके अंदर होती है. अगर चन्द्रमा का पर्वत ज्यादा उभार लिए हुए है तो व्यक्ति कल्पनाशील होता है. इनकी ज्यादातर योजनाएं धरी रह जाती हैं, क्रियान्वित नहीं हो पाती. इस पर्वत का दबा होना मन को कमजोर करता है. व्यक्ति मलिन और उदास रहता है. ज्यादातर नकारात्मक विचारों से घिरा रहता है.
हस्तरेखाओं में चंद्र पर्वत के चिह्न
चंद्र पर्वत पर बहुत सारी रेखाएं व्यक्ति को चिंतित रखती हैं. हालांकि इससे व्यक्ति की रचनात्मक क्षमता भी पता चलती है. चंद्र पर्वत पर क्रॉस हो तो व्यक्ति को जल से भय होता है. इस पर्वत पर तिल हो तो व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर होता है. इस पर्वत पर ज्यादा क्रॉस हों या कालापन हो तो मानसिक बीमारी होती है. इस पर्वत पर वर्ग होने से व्यक्ति हर तरह के अनिष्ट से बच जाता है. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि चंद्र पर्वत पर चिह्नों का अध्ययन व्यक्ति के जीवन की कई महत्वपूर्ण बातें उजागर करता है.
चंद्र पर्वत को सुधारने के उपाय
यदि चंद्र पर्वत कमजोर है, तो इसे सुधारने के लिए शैलेंद्र पांडे ने कई उपाय सुझाए. उन्होंने कहा कि पूर्णिमा का उपवास रखें, शिवजी की उपासना करें. चांदी के पात्र से जल और दूध पिएं. दही का सेवन बढ़ाएं. रात्रि में देर तक न जगें. भोजन में दूध वाली चीज़ों का प्रयोग बढ़ा दें. अपनी माता का अधिक से अधिक सम्मान करें.साथ ही, मून स्टोन धारण करने की सलाह दी.