Charan Sparsh
Charan Sparsh
Charan Sparsh ka Mahatva: हिंदू संस्कारों में अभिवादन की परंपरा पाई जाती है. अभिवादन के कई तरीके हैं. हाथ जोड़कर प्रणाम करना और चरण स्पर्श करना अभिवादन ही है. चरण स्पर्श करना एक विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है. सही तरीके से चरण स्पर्श करके अद्भुत लाभ हो सकते हैं. इससे भाग्य बेहतर हो सकता है, संकट मिट सकते हैं और ईश्वर की अनुभूति हो सकती है.
चरण स्पर्श को लेकर क्या कहता है ज्योतिष
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से चरण स्पर्श करने से शनि, गुरु और चंद्रमा की शुभता आती है. शनि अनुशासन और विनम्रता का ग्रह है, गुरु ज्ञान और चंद्रमा मानसिक शांति का. इन तीनों की कृपा जीवन में संतुलन, बुद्धि और सौभाग्य लाती है. चांडोग्य उपनिषद और नारद संहिता में भी पैर छूने को सकारात्मक रहने की उत्तम प्रक्रिया से जोड़कर देखा गया है. आपको मालूम हो कि स्वयं भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा के सिर्फ चरण स्पर्श ही नहीं किए थे बल्कि उसे धोया भी था. सुख और सौभाग्य की कामना लिए हम सभी नवरात्रि पर कन्याओं के भी इसी तरह पैर धोकर पूजते हैं.
चरण स्पर्श से क्यों होते हैं लाभ
हर व्यक्ति के अंदर एक विशेष तरह की ऊर्जा होती है. यह व्यक्ति के हाथों और पैरों की अंगुलियों में प्रवाहित होती रहती है. यह ऊर्जा स्पर्श से एक-दूसरे तक पंहुच जाती है. हाथों से पैरों को स्पर्श करते ही व्यक्ति ऊर्जा खींच लेता है. इसी प्रकार से सर पर हाथ रखते ही व्यक्ति अपनी ऊर्जा दे देता है. अगर ऊर्जा शुभ है तो तत्काल लाभ होता है.
क्या हैं चरण स्पर्श के तरीके
चरण स्पर्श के तीन तरीके हैं. पहला झुककर चरण स्पर्श करना, दूसरे घुटनों के बल बैठकर चरण स्पर्श करना और तीसरा साष्टांग प्रणाम. इन तीनों ही तरीकों से शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम होता है, शरीर लचीला और मजबूत होता है. मन शुद्ध होता है और अहंकार का नाश होता है.
क्या हैं चरण स्पर्श करने के नियम
चरण, उसी के स्पर्श करें जिसके प्रति मन में श्रद्धा हो और जो श्रद्धा के योग्य हो. अगर झुककर चरण स्पर्श कर रहे हैं तो हाथों की अंगुलियों से पैरों का अंगूठा छुएं. अगर घुटनों के बल बैठकर कर रहे हैं तो अपना सर चरणों में रखें. साष्टांग प्रणाम केवल अपने गुरु या ईष्ट को करें, अन्य किसी को नहीं. महिलाओं को साष्टांग प्रणाम करना मना है. जब भी कोई चरण स्पर्श करे तो उसके सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दें. माता-पिता को अपनी पुत्रियों से चरण स्पर्श नहीं करवाने चाहिए.
चरण स्पर्श करके कैसे ग्रहों को करें अनुकूल
पिता के चरण स्पर्श करने से सूर्य की पीड़ा समाप्त होती है. मां के चरण स्पर्श करने से चन्द्रमा अनुकूल होता है. स्त्री के चरण स्पर्श करने से बुध और शुक्र मजबूत होंगे. भाई और बहन के चरण स्पर्श करने से मंगल की समस्याएं दूर होंगी. वृद्ध व्यक्ति के चरण स्पर्श करने से बृहस्पति मजबूत होगा. सात्विक, सदाचारी और ईमानदार व्यक्ति के चरण स्पर्श से शनि, राहु, केतु नियंत्रित होंगे. संतों और महात्माओं के चरण स्पर्श करने से हर तरह की बाधा दूर होती है व समस्त ग्रहों की पीड़ा शांत होती है.