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Children Astro Tips: क्या बच्चे के अच्छे और बुरे ग्रहों का माता-पिता के भाग्य पर पड़ता है असर? एक क्लिक में यहां जानिए

Effects of Planets on Children: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बच्चे के अच्छे और बुरे ग्रह माता-पिता पर भी असर डालते हैं. कभी-कभी बच्चे का भाग्य इतना ज्यादा प्रबल होता है कि उसके जन्म लेते ही माता-पिता का भाग्य बदल जाता है.

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Relationship Between Parents and the Child's Planet: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बच्चे का जन्म, माता-पिता के भाग्य से ही होता है. हर बच्चे के ग्रह, माता-पिता से जुड़े हुए होते हैं. माता-पिता के अच्छे और बुरे ग्रह बच्चे पर तुरंत असर डालते हैं. इसी प्रकार बच्चे के अच्छे और बुरे ग्रह माता-पिता पर भी असर डालते हैं. कभी-कभी बच्चे का भाग्य इतना ज्यादा प्रबल होता है कि उसके जन्म लेते ही माता-पिता का भाग्य बदल जाता है. बच्चे के अलग-अलग ग्रह माता-पिता और उनके जीवन को अलग-अलग प्रभावित करते हैं. 

बच्चे का चंद्रमा 
बच्चे का चंद्रमा सीधी तौर से माता से जुड़ा हुआ होता है. अगर बच्चे की कुंडली में चन्द्रमा कमजोर हो तो बच्चे का स्वास्थ्य तो खराब होता ही है. माता का स्वास्थ्य भी खराब हो जाता है. साथ ही बच्चे का सम्बन्ध माता से अच्छा नहीं रहता. 

उपाय: अगर बच्चे का चन्द्रमा खराब हो तो बच्चे की माता को पूर्णिमा का व्रत जरूर रखना चाहिए. बच्चे की माता को नित्य रात्रि को चन्द्रमा के मन्त्र ॐ सोम सोमाय नमः का जाप करना चाहिए. साथ ही बच्चे और मां दोनों को चांदी का चन्द्रमा गले में धारण करना चाहिए. 

बच्चे का सूर्य 
बच्चे का सूर्य सीधी तौर से पिता से जुड़ा हुआ होता है. बच्चे का सूर्य कमजोर हो तो बच्चे को आंखों और नाम यश की समस्या होती है. साथ ही पिता का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है. बच्चे का सम्बन्ध पिता के साथ अच्छा नहीं होता और अक्सर बच्चे और पिता को दूर-दूर रहना पड़ता है. 

उपाय: अगर बच्चे का सूर्य कमजोर है तो पिता को नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए. बच्चे और पिता दोनों को नित्य प्रातः गायत्री मन्त्र का जाप करना चाहिए. घर में लाल फूल वाले पौधे लगाने चाहिए. जहां तक हो सके पिता को बच्चे से ज्यादा प्रेम करना चाहिए. 

बच्चे की कुंडली में ग्रहों के योग 
अगर बच्चे की कुंडली में कोई बुरा ग्रह योग हो तो अलग-अलग योगों के अनुसार माता-पिता पर अलग-अलग असर पड़ता है. अगर गुरु चांडाल योग हो तो घर की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाती है. अगर शनि राहु का योग हो तो घर में अलगाव, विभाजन की नौबत आ जाती है. अगर सूर्य-शनि का योग हो तो पिता के लिए काफी बुरा होता है. आगे चलकर पिता और पुत्र काफी दूर हो जाते हैं. 

उपाय: गुरु चांडाल योग हो तो बच्चे के आचरण को ठीक रखना चाहिए. साथ ही घर में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ होना चाहिए. शनि-राहु का योग हो तो घर में शमी का पौधा लगाएं. साथ ही घर में नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करें. सूर्य-शनि का योग हो तो शनि की शांति करवाएं. घर में सूर्य के पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करें. किसी सार्वजनिक स्थान पर पीपल का पौधा लगवाएं. 

बच्चा गर्भ में हो तो करें ये उपाय
बच्चे की कुंडली में खराब ग्रह और खराब योग न बनें इसके लिए कुछ उपाय करने चाहिए. ये उपाय तब किए जा सकते हैं जब बच्चा गर्भ में हो. गर्भवती माता को नित्य प्रातः और सायं रामचरित मानस के बालकांड का पाठ करना चाहिए. साथ ही अपने आहार को सात्विक रखना चाहिए. तेज सुगंध, इत्र, अत्यधिक सौंदर्य प्रसाधन से बचना चाहिए. घर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी चाहिए. जहां तक हो सके गर्भवती महिला को अंधकार से बचना चाहिए. नियमित रूप से एकादशी को अन्न या वस्त्र का दान करना चाहिए.