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Married Life Astrology: पति-पत्नी में झगड़े के पीछे कौन ग्रह होते हैं जिम्मेदार, वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय

Fights in Married Life: वैवाहिक जीवन में छोटी-बड़ी समस्याएं तो आती रहती हैं लेकिन आए दिन पति और पत्नी में कलह हो तो जिंदगी नरक बन जाती है. आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे कौन ग्रह जिम्मेदार होते हैं और वैवाहिक जीवन की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए?

Fights in Married Life Fights in Married Life

Married Life Astrology: कभी-कभी पति-पत्नी में रोज नाराजगी रहती है. इसके कारण से वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रहता. इसके पीछे ग्रह मैत्री की कमी और तत्वों की समस्या होती है. पत्नी बार-बार नाराज हो तो, पति नियमित रूप से सूर्य को जल दें, सूर्य को जल देने के बाद ही अन्न ग्रहण करें. पत्नी बार-बार नाराज हो तो, पत्नी सोमवार को शिव जी की आराधना करें. सफेद वस्तुओं का दान करें. 

बात झगड़े तक पंहुच गई हो तो क्या करें
पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि पति और पत्नी में झगड़े के पीछे आम तौर पर मंगल और सूर्य होते हैं. यदि बात केवल वाद-विवाद की हो तो हर शनिवार को पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और सरसों तेल का दीपक जलाएं. अगर बात मारपीट और शारीरिक बल प्रयोग तक पहुंच गई हो तो किसी भी तीन शनिवार को अपने वजन के दसवें हिस्से के बराबर काले तिल या काली उरद का दान करें. 

पति-पत्नी के बीच में कोई तीसरा आ गया हो तो क्या करें
आम तौर पर इस तरह की घटनाओं के लिए राहु जिम्मेदार होता है. अगर शुक्र भी आ गया तो यह मामला बहुत ज्यादा खराब हो जाता है. अगर पति के जीवन में कोई तीसरा व्यक्ति हो तो पत्नी नियमित रूप से बृहस्पतिवार का उपवास रखें. शनिवार को पक्षियों को कैद से मुक्त करें. यदि पत्नी के जीवन में कोई तीसरा व्यक्ति हो तो पति हर शुक्रवार का उपवास रखें और शनिवार को किसी निर्धन को उरद के बड़े खिलाएं. 

यदि बात तलाक तक आ गई हो तो क्या करें
तलाक के लिए किसी एक ग्रह को जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता. फिर भी सूर्य, शनि, मंगल और राहु तलाक में बड़ी भूमिका निभाते हैं. अगर मामला अभी न्यायालय तक नहीं पहुंचा है तो सोमवार का उपवास रखें. भगवान शिव को रोज प्रातः 27 बेलपत्र और जल चढ़ाएं. यदि मामला न्यायालय तक पहुंच गया है तो पांच मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर अपनी उम्र के बराबर लड्डू चढ़ाएं. रोज सुबह 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. 

सुहाग की सामग्री किस दिन खरीदें और किस दिन नहीं
सुहाग की सामग्री शुक्रवार के दिन खरीदना सबसे ज्यादा उत्तम होता है. हालांकि बृहस्पतिवार के दिन भी खरीद सकते हैं. मंगलवार और रविवार को सुहाग की सामग्री न खरीदें.