Diamond
Diamond
हीरा को ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र का रत्न माना जाता है. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि हीरा न केवल सौंदर्य और संपन्नता का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में ग्लैमर और सुख भी लाता है. हालांकि इसे धारण करने से पहले ज्योतिषीय सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है.
हीरे का ज्योतिषीय महत्व
हीरा नव रत्नों में सबसे मूल्यवान और कठोर रत्न है. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि यदि हीरा आपको सूट करता है, तो यह आपके वैवाहिक जीवन, रक्त संचार और जीवन में सुख-समृद्धि लाने में सहायक होता है. लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि हीरा तेजी से प्रभाव डालता है और बिना सलाह के इसे धारण करना नुकसानदायक हो सकता है. शुक्र से लाभ लेने के लिए और जीवन में ग्लैमर बढ़ाने के लिए हीरा अचूक होता है. प्रेम के और दाम्पत्य जीवन के मामले में भी हीरा लाभकारी होता है . अगर हीरा लाभ करे तो डाईबीटीज़ में भी लाभ पंहुचाता है.
हीरा पहनने के नियम और सावधानियां
हीरा धारण करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. मधुमेह या रक्त संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोगों को हीरा पहनने से बचना चाहिए. इसके अलावा, 21 से 50 वर्ष की उम्र के बीच हीरा पहनना अधिक लाभकारी माना जाता है. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि हीरे को अंगूठे या तर्जनी उंगली में पहनना शुक्र ग्रह के लाभ को बढ़ाता है. उन्होंने यह भी बताया कि टूटा हुआ या दागयुक्त हीरा अपयश और दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है. केवल फैशन के लिए हीरा पहनना खतरनाक हो सकता है. यदि दाम्पत्य जीवन में समस्याएं हैं तो हीरा धारण करने से अचानक बढ़ सकती हैं.
किन राशियों के लिए हीरा शुभ और अशुभ
मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न में हीरा धारण करना सामान्यतः शुभ नहीं होता. वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न में हीरा धारण करना अत्यंत शुभ होता है. कर्क लग्न में विशेष दशाओं में हीरा पहनने की सलाह दी गई.
हीरे का कॉम्बिनेशन और अन्य रत्न
हीरे के साथ पन्ना का कॉम्बिनेशन सबसे अच्छा माना जाता है. यह न केवल ग्लैमर और सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि बुद्धि को भी सही दिशा में काम करने में मदद करता है.