Solar Eclipse 2026
Solar Eclipse 2026
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि यह वलयाकार सूर्य ग्रहण मंगलवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा, शाम 5:42 बजे अपने मध्य में पहुंचेगा और रात 7:57 बजे समाप्त होगा. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक के नियम लागू नहीं होंगे. ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रहण देश-दुनिया, राजनीति और संचार तंत्र पर गहरा प्रभाव डाल सकता है.
ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव राशियों और राजनीति पर पड़ता है. इस बार ग्रहण के दौरान मिथुन लग्न उदित होगा और अष्टम भाव में मंगल विद्यमान रहेगा. सूर्य, चंद्र और शनि क्लोज डिग्री में होंगे, जो संचार तंत्र में तकनीकी खराबी और उपद्रव का कारण बन सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह ग्रहण उच्च पदों पर बैठे राजनेताओं और सत्ता पर भी असर डाल सकता है.
भारत और वैश्विक प्रभाव
भारत में यह ग्रहण दशम स्थान में लग रहा है, जिससे आंतरिक कलह, जाति और धर्म के झगड़ों की संभावना बढ़ सकती है. धनिष्ठा नक्षत्र के प्रभाव के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान और कश्मीर में अस्थिरता की संभावना है. मंगल के अस्त होने से स्थिति गंभीर तो है, लेकिन नियंत्रण में रह सकती है.
सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव और उपाय
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के दौरान इससे हर चीज प्रभावित होती है. इसका सभी 12 राशियों पर भी असर होता है. कुछ राशियों पर सूर्य ग्रहण का असर शुभ होता है, तो कुछ पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है. मेष, वृषभ और कन्या राशि के लिए यह सूर्य ग्रहण अनुकूल रहेगा, जबकि मिथुन, कर्क, सिंह और तुला राशि वालों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.
कुंभ राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि 17 फरवरी से आगे लगभग 30 दिनों तक कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें, खासकर प्रॉपर्टी खरीदने या बड़ा निवेश करने जैसे मामलों में. यदि संभव हो तो ऐसे निर्णय पहले या 30 दिन बाद लेना बेहतर रहेगा, क्योंकि ग्रहण के प्रभाव काल में लिए गए बड़े फैसलों में अस्थिरता या भ्रम की स्थिति बन सकती है. ज्योतिषियों ने ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र 'ॐ आदित्याय नमः' का जप करने और ग्रहण के बाद गुड़, आटा, गेहूं और तांबे के बर्तन दान करने की सलाह दी है. गर्भवती महिलाओं को इस ग्रहण से संबंधित किसी भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा. हालांकि, ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य ग्रहण का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है.