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Vani ka Grah se Sambandh: वाणी का ज्योतिष में किन ग्रहों से होता है संबंध, जानें कैसे बनाएं वाणी को मधुर?

ज्योतिष शास्त्र में वाणी का मुख्य संबंध बुध ग्रह और कुंडली के द्वितीय भाव से बताया गया है.  इसके अलावा तीसरा और आठवां भाव भी वाणी से संबंध रखता है. इन्हीं भावों से व्यक्ति की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति भी देखी जाती है.

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Representative image (Getty Images) Representative image (Getty Images)

How to Make Your Speech Sweet: किसी कुंडली का दूसरा भाव और इसका स्वामी वाणी को नियंत्रित करता है. इसके अलावा तीसरा और आठवां भाव भी वाणी से संबंध रखता है. इन्हीं भावों से व्यक्ति की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति भी देखी जाती है. इस प्रकार वाणी, आर्थिक और पारिवारिक स्थितियां एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं. वृष राशि और बुध का सीधा संबंध वाणी से होता है. ये व्यक्ति को अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता प्रदान करते हैं. बृहस्पति भी व्यक्ति को बेहतरीन वाणी की शक्ति प्रदान करता है. बुध व्यक्ति को बोलने की शक्ति देता है. बृहस्पति वाणी को प्रभावशाली बना देता है. बुध और बृहस्पति के कारण व्यक्ति अद्भुत वक्ता हो जाता है. शनि, राहु और मंगल वाणी की शक्ति को कमजोर कर देते हैं. ऐसे में आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि वाणी का ग्रहों से क्या संबंध है और जानें वाणी को मधुर कैसे बनाएं?

व्यक्ति की वाणी की आदतें किन ग्रहों से होती हैं प्रभावित 
पाप ग्रहों का वाणी से सम्बन्ध होना वाणी को खराब करता है. बुध या बृहस्पति की गड़बड़ी भी वाणी को खराब करती है. वाणी को सबसे ज्यादा खराब करते हैं शनि और राहु. बुध और बृहस्पति का अच्छा होना वाणी को अच्छा कर देता है. वाणी के ग्रह का शुक्र से सम्बन्ध भी वाणी को अच्छा कर देता है. 

वाणी को मधुर बनने और किस्मत को चमकाने के लिए क्या करें
प्रातः और सायं गायत्री मंत्र का अभ्यास करें. खान पान को शुद्ध रखें. महीने में एक बार पूर्णिमा का उपवास रखें. सलाह लेकर पीला पुखराज या पन्ना धारण करें. गलत वाणी का प्रयोग हो जाने पर कृष्ण-कृष्ण कहें. नित्य प्रातः हल्दी मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करें. हल्दी का तिलक माथे और कंठ पर लगाएं. 

वाणी में कब और किस तरह की होती है समस्या 

  • बुध कमजोर हो तो वाणी की समस्या हो जाती है.
  • व्यक्ति देर से बोलता है और लड़खड़ाकर बोलता है.
  • बृहस्पति कमजोर हो तो व्यक्ति अपनी वाणी से प्रभावित नहीं कर पाता.
  • शनि का प्रभाव हो तो व्यक्ति को बीमारी के कारण वाणी दोष होता है.   
  • राहु का प्रभाव हो तो व्यक्ति जल्दी जल्दी और अस्पष्ट बोलता है.
  • मंगल का प्रभाव हो तो व्यक्ति क्रोध और जोश में अभद्र वाणी का प्रयोग करता है.

यदि कोई बच्चा है और बोल नहीं पा रहा है तो क्या करें 

  • बच्चे को सुबह ब्रश के बाद तुलसी के पत्ते खिलाएं.
  • बच्चे को शाम को 10 मिनट गायत्री मंत्र पढ़कर सुनाएं.
  • बच्चे के गले में सोने या पीतल का चौकोर टुकड़ा धारण करवाएं.
  • बच्चे को फास्ट फूड न खिलाएं.  

बोलने में हकलाहट या लड़खड़ाहट होती हो तो क्या करें 

  • नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें.
  • "हं" शब्द का जाप 10 मिनट तक करें.  
  • भोजन में हरी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें.
  • एक पेरिडॉट, बुधवार को धारण करें.

यदि वाणी अभद्र और खराब हो तो क्या करें 

  • जल में जरा सी हल्दी मिलाकर स्नान करें.
  • स्नान के बाद शरीर में चन्दन की सुगंध लगाएं.
  • तर्जनी अंगुली में सोने या पीतल का छल्ला धारण करें.
  • रात्रि को सोने के पूर्व "नमः शिवाय" का जाप करें.