कभी न कभी हर इंसान किसी बीमारी की चपेट में आता है. वह बीमारी शारीरिक हो सकती है या मानसिक. इसके अलावा भी कुछ ऐसी बीमारी होती हैं जो ग्रह से जुड़ी हुई होती हैं. शारीरिक समस्याओं के पीछे मुख्यतः सूर्य होता है और मानसिक समस्याओं के पीछे चंद्र होता है. ग्रहीय समस्याएं विभिन्न ग्रहों से उत्पन्न होती हैं. कभी-कभी हमारी संगति और वातावरण से भी बीमारियां हो जाती हैं. लेकिन सभी बीमारियों का कारण और निवारण जरूर होता है. चलिए आपको बताते है कारण और निवारण का तरीका.
शारीरिक समस्याओं का कारण और निवारण क्या है?
शरीर का मुख्य निर्माणक ग्रह सूर्य होता है. सूर्य का कमजोर होना स्वास्थ्य को जरूर ख़राब करता है. कुण्डली में लग्न का स्वामी भी शरीर से सम्बन्ध रखता है. अगर लग्नेश भी कमजोर है तो शरीर कमजोर हो जाता है. हमारा खान पान शरीर पर सीधा असर डालता है. अतः खान पान के मामले में भी ध्यान दिया जाना चाहिए. इसके लिए सूर्य की उपासना अवश्य करें. साथ ही साथ शिव जी की उपासना से भी विशेष लाभ होता है.
मानसिक समस्याओं का कारण और निवारण क्या है?
मन से सम्बन्ध रखने वाला मुख्य ग्रह चन्द्रमा है. चन्द्रमा का गड़बड़ होना मन को कमजोर करता है. कमजोर मन बीमारियों को आकर्षित करता है. कुण्डली के तत्व भी मन को कमजोर और मजबूत करते हैं. मानसिक समस्याओं की स्थिति में उपवास बहुत कारगर है. इसमें भी एकादशी और पूर्णिमा का उपवास विशेष लाभकारी है. खान पान को अधिक से अधिक सात्विक बनायें. साथ ही नियमित रूप से मन्त्र जप और कीर्तन करें.
ग्रहीय समस्याओं का कारण और निवारण क्या है?
अलग-अलग ग्रह कमजोर होने पर अलग-अलग तरह की बीमारियां देते हैं. परन्तु अगर कुंडली का सुरक्षात्मक ग्रह मजबूत है तो व्यक्ति बीमारियां होने पर भी ठीक हो जाता है. कुंडली के सुरक्षात्मक ग्रह को मजबूत करने का प्रयास करें. साथ ही जिस ग्रह से समस्या है, उसके उपाय करें. उलटे सीधे तन्त्र मन्त्र आदि के चक्कर में न पड़ें. ग्रहों के लिए सलाह लेकर ही रत्न धारण करें.