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Saturn and Rahu: क्या है शनि-राहु का भयंकर दुर्योग? जीवन के हर क्षेत्र पर डालता है बुरा असर, जानें इससे बचने के उपाय

शनि और राहु का योग शनि का सबसे नकारात्मक योग माना जाता है. यह कुंडली में तब बनता है जब शनि का संबंध राहु से बन जाए. शनि-राहु का भयंकर दुर्योग जीवन के लगभग हर क्षेत्र पर बुरा असर डालता है.

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Saturn and Rahu Saturn and Rahu

शनि और राहु का योग शनि का सबसे नकारात्मक योग माना जाता है. यह कुंडली में तब बनता है, जब शनि का संबंध राहु से बन जाए. इसको नंदी योग और पिशाच योग कहा जाता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि यह योग शनि का नकारात्मक योग है, जो जीवन को बुरी तरह छिन्न-भिन्न कर देता है. यह जीवन के लगभग हर क्षेत्र पर बुरा असर डालता है. आम तौर पर यह कुंडली में पूर्व जन्म के संस्कारों के कारण उत्पन्न होता है.  

शनि-राहु के योग का जीवन पर कैसा पड़ता है प्रभाव 
व्यक्ति जीवन में अज्ञात बाधाओं से जूझता रहता है. व्यक्ति को नशे की खूब आदत होती है. व्यक्ति की वाणी कर्कश और स्वभाव रूखा होता है. व्यक्ति को जीवन में अक्सर अकेले रहना पड़ता है. व्यक्ति को विचित्र तरह की रहस्यमयी बीमारियां हो जाती हैं. व्यक्ति तंत्र मंत्र, जादू टोना और छुद्र विद्याओं की ओर झुक जाता जाता है. 

शनि-राहु के योग के क्या हैं विशेष प्रभाव 
ऐसा योग होने पर व्यक्ति के पास रहस्यमयी शक्तियां आ सकती हैं. ऐसे योग से व्यक्ति की अतीन्द्रीय क्षमता (इनट्यूटिव पॉवर) बढ़ जाती है. ये लोग तंत्र मन्त्र के माहिर हो सकते हैं. इनकी नकारात्मक वाणी अक्सर सत्य हो जाती है. इनके नकारात्मक कार्य सफल होते हैं. 

शनि-राहु योग के प्रभाव को समाप्त करने के क्या हैं उपाय 
1. नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें.
2. प्रातः और सायं गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें.
3. एकादशी का उपवास अवश्य रखें. 
4. रुद्राक्ष की माला गले में धारण करें.
5. खान-पान में कठोर सात्विकता बनाए रखें. 

राहु किसी ग्रह के प्रभाव को कर देता है कम  
राहु कोई भौतिक ग्रह नहीं है. इसको छाया ग्रह माना जाता है. ये सूर्य और चन्द्रमा के परिक्रमा मार्ग के कटान से उत्पन्न हुए हैं. राहु स्वतंत्र रूप से शनि का प्रभाव रखता है. राहु किसी ग्रह के प्रभाव को कम कर देता है. राहु के पास कोई दृष्टि नहीं होती है. 

राहु जीवन पर किस प्रकार डालता है अशुभ प्रभाव 
राहु जीवन में आकस्मिक समस्याएं पैदा करता है. यह व्यक्ति के जीवन और आदतों को दूषित कर देता है. इसके कारण व्यक्ति मलिन और धूर्त हो जाता है. राहु अज्ञात भय, अज्ञात रोग और आत्महत्या की तरफ भी ले जाता है. यह कभी-कभी व्यक्ति को तंत्र मंत्र के गलत रास्ते पर भी ले जाता है. राहु के कारण व्यक्ति को कल्पना की समस्या भी हो जाती है. 

राहु की समस्याओं को दूर करने के उपाय 
दिनचर्या को दुरुस्त और पवित्र बनाएं. नित्य प्रातः तुलसी के पत्ते जरूर ग्रहण करें. चन्दन के तिलक और सुगंध का प्रयोग करें. मांस-मदिरा और फ़ास्ट फ़ूड का प्रयोग बंद कर दें. नियमित मंत्र जप करें. सलाह लेकर एक माणिक्य या मोती धारण करें.