scorecardresearch

Venus and Moon: किस ग्रह से होता है चरित्र का संबंध? जानें चरित्र दोष से बचने के उपाय 

Relationship of the Planet to Character: चरित्र सामजिक और लोगों की मान्यता से निर्धारित होता है. शुक्र और चंद्रमा चरित्र से सीधा संबंध रखते हैं. ये चरित्र के बारे में लोगों की मान्यता निर्धारित करते हैं. यहां आप जान सकते हैं चरित्र संबंधी अशुभ योग होने पर क्या उपाय करने चाहिए.

Relationship of the Planet to Character: Relationship of the Planet to Character:

चरित्र सामजिक और लोगों की मान्यता से निर्धारित होता है. शुक्र और चंद्रमा चरित्र से सीधा संबंध रखते हैं. ये चरित्र के बारे में लोगों की मान्यता निर्धारित करते हैं. हालांकि वास्तविक चरित्र का निर्माण बृहस्पति ही करता है. चरित्र के मामले में समस्या देने वाले ग्रह हैं शनि, राहु , केतु , कमजोर चंद्रमा और बुध हैं. कुछ योग ऐसे होते हैं, जिनसे व्यक्ति का चरित्र गड़बड़ होने की संभावना बन जाती है. 

शुक्र-मंगल का संबंध 
शुक्र आकर्षण, काम भाव और भावनाओं का स्वामी होता है. मंगल किसी भी प्रभाव को भड़का देता है. अगर शुक्र मंगल का सम्बन्ध हो तो भावनाएं अनियंत्रित हो जाती हैं. व्यक्ति आकर्षण के चक्कर में अपने चरित्र को खराब कर बैठता है. कभी-कभी ये योग व्यक्ति के अंदर बहुत सारा आकर्षण भी पैदा करता है. 

वक्री शुक्र 
शुक्र का वक्री होने व्यक्ति को उत्शृंखल बनाता है. व्यक्ति बिलकुल भी नियंत्रण में नहीं रहता. व्यक्ति सामजिक मान्यताओं की परवाह नहीं करता. ऐसी दशा में व्यक्ति के कई स्त्री-पुरुषों से सम्बन्ध हो जाते हैं. यह योग व्यक्ति को खूबसूरत और प्रभावशाली बना देता है. 

गुरु चांडाल योग
बृहस्पति और राहु जब एक साथ हों तो गुरु चांडाल योग बन जाता है. यह योग व्यक्ति को धर्मभ्रष्ट और कमजोर चरित्र का बना सकता है. यह योग महिलाओं की कुंडली में ज्यादा खराब होता है. इसके होने पर दो शादियां या विवाहेत्तर सम्बन्ध की स्थिति बन जाती है. यह योग व्यक्ति के मन को चंचल बना देता है. व्यक्ति गोपनीय रूप से गलत संबंधों में पड़ जाता है. 

चरित्र संबंधी अशुभ योग होने पर क्या करें उपाय 
1. नित्य प्रातः हल्दी मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करें.
2. प्रातः और सायं 108 बार गायत्री मन्त्र का जप करें. 
3. महीने में एक बार पूर्णिमा का उपवास करें. 
4. मसालेदार और बासी भोजन से यथाशक्ति परहेज करें. 
5. सलाह लेकर एक पीला पुखराज या पन्ना धारण करें.
6. पीले रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें. 
7. अगर बेवजह आपके चरित्र पर आक्षेप लग रहे हों तो दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय का नियमित रूप से पाठ करें.
8. हर शुक्रवार को देवी के मंदिर में मिठाई अर्पित करें. 
9. एक पीले रंग का रेशमी धागा दाहिनी कलाई में बांधें.