Mustard Oil
Mustard Oil
हर तेल की एक अगल तासीर होती है और हर तेल का कोई ना कोई कारक ग्रह भी होता है. ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि अलग-अलग तेल का जीवन पर प्रभाव और असर भी अलग-अलग हो सकता है. ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक तेल के प्रयोग से कुंडली के ग्रहों की स्थिति बदलती है. तेल के इस्तेमाल से आपके ग्रहों की चाल बदल सकती है.
किसी भी तरह का तेल वास्तव में रसायन है और शुक्र तथा बुध से संबंध रखता है. अलग-अलग तेल उनके गुणों, सुगंध और रंगों के आधार पर अन्य ग्रहों से भी संबंध रखते हैं. तेल के विभिन्न प्रयोगों से हम अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं. अपनी कामनाओं को पूरा कर सकते हैं और विभिन्न समस्याओं से बच सकते हैं.
सरसों का तेल: ऐसा तेल जो हर तरह से प्रयोग में लाया जा सके सरसों का तेल ही है. इसका सीधा संबंध शनिदेव से जोड़ते हैं. शनि सम्बन्धी समस्याओं के निवारण में इसका प्रयोग अद्भुत लाभकारी होता है. शनि के कारण यदि शारीरिक कष्ट हो तो शरीर और बालों में सरसों का तेल लगाएं. अगर मंगल मजबूत हो तो सरसों का तेल नहीं लगाना चाहिए. अगर शनि की साढ़ेसाती हो तो पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. अगर बृहस्पति गड़बड़ हो तो भोजन में सरसों के तेल का प्रयोग करना चाहिए. अगर शनि के कारण रोजगार की समस्या हो तो सरसों के तेल का दान करना सर्वोत्तम परिणाम देता है.
बादाम का तेल: यह तेल खाद्य पदार्थ भी है, सौंदर्य प्रसाधन भी और औषधी भी. यह शुक्र और बुध दोनों से सम्बन्ध रखता है. यह चेहरे को अत्यंत चमकदार और सुन्दर बना देता है. यह बुद्धि और याददाश्त को अत्यंत प्रखर बना देता है. अगर बुध कमजोर हो तो इस तेल को खाना भी चाहिए और लगाना भी चाहिए. राहु के प्रभाव को कम करने में भी इस तेल अद्भुत भूमिका होती है. दूध में इस तेल की कुछ बूंदें डालकर ग्रहण करने से दिमाग बेहतरीन हो जाता है.
चमेली का तेल: चमेली का तेल शुद्ध रूप से शुक्र और मंगल से सम्बन्ध रखता है. यह तेल ज्यादातर सुगंध और जलाने के काम आता है. मंगल से सम्बन्ध रखने के कारण इस तेल को हनूमान जी को अर्पित करते हैं. अगर कर्ज परेशान कर रहे हों तो हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाना चाहिए. अगर वैवाहिक जीवन अच्छा न हो तो चमेली का तेल लगाना अच्छा होता है. युवावस्था और शिक्षा काल में चमेली के तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
जैतून का तेल: यह तेल शुद्ध रूप से शुक्र से सम्बन्ध रखता है. इसे प्रयोग करने से शुक्र खूब शक्तिशाली हो जाता है. अगर डाइबिटीज हो गई हो या होने की सम्भावना हो तो भोजन में जैतून के तेल का प्रयोग करें. अगर व्यक्तित्व को आकर्षक बनाना हो तो जैतून के तेल की मालिश कारगर होती है. बच्चों की मालिश जैतून के तेल से करने से बच्चे बीमार नहीं पड़ते. अगर घर के जैतून के तेल का दीपक जलाया जाय तो घर मे समृद्धि बनी रहती है.