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कई लोगों का सपना होता है कि वे विदेश जाएं और वहां नौकरी, कारोबार या पढ़ाई करें. ज्योतिष में विदेश यात्रा और विदेश में रहने के बारे में कुंडली के कुछ भावों और ग्रहों को महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुंडली देखकर विदेश जाने और वहां बसने के संकेतों के बारे में अनुमान लगाया जाता है.
विदेश यात्रा के लिए कौन से भाव माने जाते हैं?
ज्योतिष के अनुसार विदेश यात्रा का संबंध मुख्य रूप से कुंडली के पंचम, नवम और द्वादश भाव से माना जाता है. समुद्र पार की यात्रा को भी विदेश यात्रा की कैटेगरी में रखा जाता है. लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी इन भावों को देखा जाता है. राहु को विदेश यात्रा से जुड़ा प्रमुख ग्रह माना जाता है. इसके अलावा शनि और मंगल की स्थिति को भी महत्वपूर्ण बताया गया है.
विदेश जाकर स्थायी रूप से कब बसते हैं?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कुंडली में शनि या राहु का मजबूत प्रभाव होने पर व्यक्ति अपने जन्म स्थान से दूर जाकर रहने की संभावना रख सकता है. सूर्य या चंद्रमा के कमजोर होने को भी घर से दूर रहने से जोड़ा जाता है. कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में वृषभ, कन्या, मकर, मिथुन, तुला और कुंभ राशि को विदेश में बसने से जोड़ा जाता है. जन्म तारीख 2, 11, 20 या 29 वाले लोगों के लिए भी ऐसी संभावना बताई जाती है.
विदेश यात्रा में कब आ सकती है रुकावट?
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्रमा या शुक्र का मजबूत प्रभाव विदेश यात्रा में बाधा से जोड़ा जाता है. शुभ ग्रहों की दशा को भी कुछ ज्योतिषीय मतों में विदेश जाने में देरी का कारण माना जाता है. जन्म तारीख 4, 13, 22 या 31 वालों के बारे में कहा जाता है कि उन्हें विदेश जाने के मामले में अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. जल तत्व से जुड़ी कुंडली को भी कुछ मान्यताएं विदेश यात्रा में रुकावट से जोड़ती हैं.
विदेश जाने के लिए क्या उपाय करें?
विदेश यात्रा के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए जाते हैं. शनि के मंत्र का शाम के समय जाप करने की सलाह दी जाती है. मंत्र है- 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः'. इसके अलावा नवम भाव के स्वामी ग्रह को मजबूत करने और हल्के नीले रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है. कुछ मान्यताओं में नदी पार करके यात्रा करना भी विदेश जाने के उपाय के रूप में बताया गया है.
विदेश में स्थायी रूप से बसने की इच्छा रखने वालों के लिए स्नान के पानी में हल्दी मिलाने की मान्यता है. सिरहाने कांच की शीशी में हल्दी रखने और रोज सुबह मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाने का उपाय भी बताया जाता है.