scorecardresearch

फैमिली में अनबन क्यों? रिश्तों के लिए जिम्मेदार ग्रह, कैसे ग्रहों से मजबूत करें फैमिली के संबंध?

परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से अनबन क्यों होती है? इसमें ग्रहों का क्या योगदान होता है? किस ग्रह की मजबूती से रिश्तों में मधुरता आती है और कैसे ग्रहों को मजबूत करें. रिश्तों की समस्याओं को ठीक करने का क्या उपाय है. चलिए जानते हैं.

Family Conflicts (Photo/Freepik) Family Conflicts (Photo/Freepik)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में 9 ग्रहों की स्थिति का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है. ग्रहों के शुभ स्थिति से हर क्षेत्र में भाग्य साथ देता है और अशुभ प्रभाव से कष्ट झेलने पड़ते हैं. ज्योतिष शास्त्र मानता है कि हर रिश्ते के लिए अलग अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं. 

रिश्तों का ग्रहों से संबंध- 
हर रिश्ते के लिए अलग अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं. सूर्य पिता के रिश्ते से सम्बन्ध रखता है. चन्द्रमा माता का और मंगल भाई बहन का ग्रह है. बुध ननिहाल पक्ष का और बृहस्पति ददिहाल पक्ष का कारक है. बृहस्पति संतान पक्ष के रिश्तों का स्वामी होता है. शुक्र दाम्पत्य जीवन के रिश्तों का ग्रह है और शनि अपने अधीन लोगों के साथ रिश्तों का स्वामी है. लेकिन रिश्तों को बनाने और निभाने में सबसे ज्यादा भूमिका चन्द्रमा और मंगल की होती है.

कहते हैं कि सूर्य पिता से सम्बन्ध रखता है तो चन्द्रमा माता का और मंगल भाई बहन का ग्रह है. अगर कुंडली का सूर्य कमजोर हो तो यश मिट्टी में मिल सकता है. आपकी कीर्ति के कलंक लग सकता है. ज्योतिष विज्ञान में सूर्य को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, जो आत्मा, नेतृत्व क्षमता, और मान-सम्मान का प्रतीक है और इसे सिंह राशि का स्वामी माना जाता है. तो चलिए जानते हैं कि कैसे सूर्य को अपने अनुकूल बनाएं.

सूर्य को कैसे बनाएं बलशाली ?
सूर्य से अच्छा स्वास्थ्य, नाम यश और राज्य सुख मिलता है. इसके कमजोर होने पर हड्डी और ह्रदय की समस्या होती है. बिना कारण अपयश मिल जाता है. सूर्य से लाभ लेने के लिए अपने पिता का सम्मान जरूर करें.

चन्द्रमा को कैसे करें बलवान?
चन्द्रमा से लोकप्रियता, अच्छा मन, पारिवारिक सुख प्राप्त होता है. इसके कमजोर होने पर मानसिक समस्या, तनाव और स्त्री पक्ष से कष्ट होता है. चन्द्रमा से लाभ लेने के लिए माता का सम्मान जरूर करें.

मंगल को कैसे करें मजबूत- 
मंगल से पराक्रम,संपत्ति का सुख और भाई बहनों से अच्छा सम्बन्ध प्राप्त होता है. इसके कमजोर होने पर मुकदमेबाजी, कर्ज और गंभीर चोट चपेट का सामना करना पड़ता है. मंगल से लाभ लेने के लिए पैतृक संपत्ति की क़द्र करें. साथ ही भाई बहन के रिश्तों का सम्मान करें.

बुध को कैसे करें अनुकूल-
बुध से अच्छी वाणी, तीव्र बुद्धि और अच्छी त्वचा का वरदान मिलता है. इसके कमजोर होने पर कमजोर बुद्धि, वाणी दोष और कमजोर आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ता है. बुध से लाभ लेने के लिए पौधे लगायें और उनकी देखभाल करें. साथ ही अपने ननिहाल के साथ रिश्ते ठीक रखें.

बृहस्पति का रिश्तों से संबंध-
बृहस्पति से विद्या, ज्ञान, आध्यात्म और ईश्वर की कृपा मिलती है. अगर ये कमजोर हो तो व्यक्ति को विचित्र तरह की बीमारियाँ हो जाती हैं और व्यक्ति जीवन में अकेला पड़ जाता है. बृहस्पति से लाभ लेने के लिए विद्वान और बुजुर्ग लोगों की सेवा और सम्मान करें.

शुक्र से कैसे सुधारें रिश्ते- 
शुक्र से भौतिक सुख, ऐश्वर्य, धन सम्पदा और दाम्पत्य सुख मिलता है. अगर ये कमजोर हो तो जीवन में सुख रहता ही नहीं, व्यक्ति कभी आनंद नहीं पा सकता. शुक्र से लाभ लेने के लिए स्त्रीयों का सम्मान करें. आचरण को शुद्ध रखें.

शनि और रिश्तों का कनेक्शन-
शनि से नौकरी और रोजगार में सफलता, अच्छा प्रभाव और वाहन सुख मिलता है. अगर ये कमजोर हो तो आजीविका नहीं मिलती. कदम कदम पर संघर्ष का सामना करना पड़ता है. शनि से लाभ लेने के लिए हमेशा अपने से छोटों का सम्मान और मदद करनी चाहिए.

राहु को कैसे करें बलवान- 
राहु चरित्र पतन और नशे की और ले जाता है. राहु व्यक्ति को षड्यंत्र और दूसरों को परेशान करने की आदत देता है. राहु के कारण व्यक्ति धर्म और आध्यात्म की आलोचना करता है. राहु का शुभ प्रभाव हो तो व्यक्ति जन्म से ही सिद्ध होता है. ऐसी दशा में व्यक्ति आध्यात्म का नवीन मार्ग खोज लेता है. राहु का शुभ प्रभाव बढाने के लिए सात्विक आहार ग्रहण करें. शिव जी की उपासना करें - रोगियों और विकलांगों की सेवा करें.

केतु को कैसे करें बलवान-
केतु का अशुभ प्रभाव होने से व्यक्ति धर्म और ईश्वर का विरोधी हो जाता है. जीवन की हर समस्या के लिए ईश्वर को जिम्मेदार ठहराता है. कभी कभी उलटे सीधे प्रयोग करके मानसिक रूप से असंतुलित हो जाता है. केतु अगर पुण्य की और ले जाय तो तीर्थयात्राएँ करवाता है.  व्यक्ति को सद्गुरु देता है, संत बनाता है. जीवन में अद्भुत आध्यात्मिक उपलब्धि के अलावा मुक्ति मोक्ष भी देता है. नियमित रूप से स्नान करें. तीर्थ स्थानों और शुभ जगहों की यात्रा करें. गणेश जी की उपासना करें.

ये भी पढ़ें: