15 मई को सूर्य देव वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस गोचर के समय सूर्य और बुध एक साथ होंगे, जबकि शनि की दृष्टि सूर्य पर पड़ेगी। इसके अलावा राहु और केतु का भी केंद्रीय प्रभाव रहेगा। इस खगोलीय घटना के कारण 15 मई से 15 जून के बीच देश और दुनिया की राजनीति में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। वृषभ राशि का संबंध धन से होने के कारण शेयर बाजार और मूल्यवान धातुओं की कीमतों में भी भारी अस्थिरता आने की संभावना है। मौसम में अचानक बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, विशेषकर आंखों और हड्डियों के रोग बढ़ सकते हैं। मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर इस गोचर का अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सूर्य देव को जल अर्पित करने और रविवार को गुड़ या गेहूं का दान करने जैसे उपाय बताए गए हैं। वृषभ संक्रांति के इस महीने में जल और ठंडे फलों का दान करना मानसिक शांति के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।