दीपावली की पूजा हो या घर-आंगन की सजावट, फूलों के बिना त्योहार की रौनक अधूरी लगती है. यही वजह है कि धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाले पांच दिवसीय दीपोत्सव के लिए बाजारों में फूलों की खरीदारी तेज हो गई है. गेंदे और गुलाब की मालाओं से लेकर पूजा में चढ़ाए जाने वाले कमल के फूल तक की मांग बढ़ गई है. खासतौर पर मां लक्ष्मी की पूजा में इस्तेमाल होने वाले कमल को खरीदने के लिए लोग सुबह ही बाजार पहुंच रहे हैं. इसकी कीमत दीपावली के दिन 100 रुपए तक पहुंचने की संभावना है.
झाँसी के फूल बाजार में स्थानीय फूलों के साथ दूसरे शहरों से भी फूल मंगाए जा रहे हैं. कलकत्ता, इंदौर और ग्वालियर से कमल सहित कई तरह के फूल पहुंच रहे हैं, जबकि गेंदे के फूल नरवर और आसपास के क्षेत्रों से आ रहे हैं. दुकानों पर गेंदे, गुलाब, कमल, बेला और गुड़हल के अलावा पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल और पत्तियों की मालाएं भी उपलब्ध हैं. फूल खरीदने पहुंचे अतुल अग्रवाल के मुताबिक, कमल मां लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है, इसलिए दीपावली की पूजा में इसकी खास मांग रहती है. गुलाब और गुड़हल भी पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं. इन दिनों विष्णुकांता नाम के नीले फूल का चलन भी बढ़ा है, जिसे भगवान शिव सहित दूसरे देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है.
फूल व्यापारी अमित कुशवाहा बताते हैं कि दीपावली पर गेंदे और गुलाब के फूल सबसे ज्यादा बिकते हैं. लोग इनसे घरों के मुख्य द्वार, मंदिरों और पूजा स्थलों को सजाते हैं. धनतेरस पर दुकानों और प्रतिष्ठानों में पूजा होने के कारण भी फूलों की खरीदारी बढ़ जाती है. वहीं कमल की मांग भी इन दिनों काफी रहती है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मंदिरों की पूजा में किया जाता है. बाजार में स्थानीय फूलों के साथ बाहर से आए फूलों की उपलब्धता भी बनी हुई है.
खरीदारी करने बाजार पहुंचीं शशि प्रजापति ने बताया कि उन्होंने धनतेरस पर घर की सजावट और पूजा के लिए करीब 10 किलो फूल खरीदे हैं. इनमें गेंदे के फूल 80 रुपए प्रति किलो की दर से लिए. इसके अलावा गुलाब और कमल के फूल भी खरीदे. उनका कहना है कि दीपावली पर घर में पूजा के साथ सजावट भी की जाती है, इसलिए उन्होंने त्योहार से पहले ही फूलों की खरीदारी कर ली.
दीपावली के नजदीक आते ही फूलों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है. गेंदे की पीली-नारंगी मालाएं घरों और दुकानों को सजाने के लिए खरीदी जा रही हैं, तो गुलाब और कमल पूजा की थालियों की शोभा बढ़ा रहे हैं. त्योहार के पांचों दिन फूलों की मांग बनी रहने की उम्मीद है.