8th Pay Commission
8th Pay Commission
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशन पाने वाले लोग आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू होना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. आठवें वेतन आयोग को लागू होते ही कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में बंपर इजाफा होने की संभावना है. मौजूदा समय में जो बेसिक पे 18000 रुपए है, वह बढ़कर 69000 रुपए हो सकती है. जी हां, एक झटके में सैलरी में 51000 रुपए बढ़ोतरी हो सकती है. इसके लिए कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने वाली नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार के सामने 3.833 के नए फिटमेंट फैक्टर का सुझाव रखा है. उधर, केंद्र सरकार ने कहा है कि 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स भी अपने सुझाव और विचार 30 अप्रैल तक दे सकते हैं.
क्यों की गई है इतनी बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग
कर्मचारी यूनियनों ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए 3.833 के नए फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है, ताकि कर्मचारी अपने परिवार का भरण-पोषण सही से कर सकें. बेसिक सैलरी को 18000 रुपए से 69000 करने की मांग ऐसे ही नहीं कई गई है बल्कि इसके पीछे तर्क भी दिया गया है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से तय किए गए 3490 कैलोरी वाले नए डाइट प्लान के आधार पर खर्च का हिसाब लगाया गया है. परिवार के आकार को लेकर भी तर्क दिया गया है. वेतन आयोग की गणना में पहले 1 परिवार में 3 सदस्य माने जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 सदस्यों का परिवार कर दिया गया है. ऐसे में जाहिर है जब परिवार में सदस्य बढ़ेंगे और डाइट का मानक बदलेगा, तो राशन, दूध, फल-सब्जी और रोजमर्रा की अन्य जरूरतों का बिल भी भारी-भरकम होगा. इस सटीक खर्च को निकालने के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के सरकारी स्टोर्स से जरूरी सामानों की औसत कीमतों का डेटा जुटाया गया है.
क्या सरकार सारी शर्तें मान देगी खुशखबरी
अब सवाल है कि क्या सरकार कर्मचारियों की सभी शर्तें मान लेगी. यदि हम सातवें वेतन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो उस समय भी कर्मचारी संगठनों ने 3.71 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की थी, लेकिन तब सरकार ने राजकोषीय घाटे और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बोझ का आकलन करते हुए फिरमेंट फैक्टर को 2.57 पर ही सीमित कर दिया था. ऐसे में इस बार सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी बातचीत का दौर जारी रहने की संभावना है. बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम मुहर लगने से पहले आंकड़ों में कुछ बदलाव जरूर देखने को मिल सकता है.
क्या है फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर नंबर है. इसका इस्तेमाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को संशोधित करने के लिए किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर महंगाई, कर्मियों की रोजमर्रा का खर्च और सरकार की वित्तीय क्षमता जैसे विभिन्न कारकों पर विचार करके निर्धारित किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर में मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है. फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, उतनी ज्यादा सैलरी बढ़ेगी. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. इससे कर्मचारियों की सैलरी बढ़कर कम से कम 18000 रुपए हो गई.
क्यों बनाया गया है 8वां वेतन आयोग
आपको मालूम हो कि वेतन आयोग भारत सरकार की ओर गठित एक समिति है. पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में बना था. केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लाती है. 7वां वेतन आयोग साल 2016 में लागू किया गया था, जिसका समापन 31 दिसंबर 2025 को हो गया है. अब 8वां पे कमीशन लागू होने वाला है. सरकार ने 8वां वेतन आयोग इसलिए बनाया है ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और पेंशन सिस्टम की समीक्षा की जा सके और जरूरत के हिसाब से उसमें बदलाव सुझाए जा सकें.
कब तक मिलेगी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी
सभी केंद्रीय कर्मचारी यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर कब बढ़कर सैलरी आएगी. फिलहाल की टाइमलाइन के अनुसार 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद उसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने में मई 2027 तक का समय लग सकता है. रिपोर्ट आने के बाद सरकार इसका अध्ययन करेगी और इसे लागू करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लगेगा. यदि पूरी प्रक्रिया बिना किसी अड़चन के अपने तय समय पर पूरी होती है तो साल 2027 की दूसरी छमाही में केंद्रीय कर्मचारियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई सैलरी आ सकती है.