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बाराबंकी में आलू की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा अनुदान, बीज खरीदने पर 1000 प्रति क्विंटल की छूट, जानें आवेदन का तरीका

यूपी के बाराबंकी जिले मे आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं चल रही है. इन योजनाओं के तहत किसानों को उन्नतिशील बीज उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग ने आलू के बीज की बिक्री शुरू कर दी है.

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हाइलाइट्स
  • किसानों को नकद मूल्य पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा

  • उद्यान विभाग ने आलू के बीज की बिक्री शुरू की

बाराबंकी में आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग ने उन्नत किस्मों के आलू बीज की बिक्री शुरू कर दी है. किसान निर्धारित दर पर बीज खरीद सकते हैं. इस पर उन्हें प्रति क्विंटल 1,000 रुपए का अनुदान भी मिलेगा. अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. इसके लिए किसानों को हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा.

जिले में 25,500 हेक्टेयर में होती है आलू की खेती
बाराबंकी जिले में करीब 25,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की जाती है. बड़ी संख्या में किसान इस फसल पर निर्भर हैं. ऐसे में खेती की लागत कम करना और बेहतर उत्पादन हासिल करना किसानों के लिए जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों के लिए उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराए हैं. इनमें कुफरी चिपसोना-1, कुफरी मोहन और कुफरी पुखराज प्रजातियों का एफ-1 सीड साइज बीज शामिल है. किसान अपनी जरूरत के मुताबिक इन किस्मों के बीज खरीद सकते हैं.

बीज पर मिलेगी 1000 रुपए की सब्सिडी
जिला उद्यान अधिकारी प्रज्ञा उपाध्याय के मुताबिक, आलू बीज की निर्धारित कीमत 3,400 रुपए प्रति क्विंटल है. इस पर किसानों को 1,000 रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा. इससे किसानों को बीज खरीदने में आर्थिक मदद मिलेगी. हालांकि, अनुदान का लाभ लेने के लिए जरूरी है कि किसान संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराएं और मांगे गए दस्तावेज जमा करें.

स्टोरेज फीस में भी मिलेगी छूट
उद्यान विभाग आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन योजनाएं चला रहा है. इनमें भंडारण प्रभार से जुड़ी योजना भी शामिल है. इसके तहत किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपए की छूट दी जाएगी. इस योजना में एक किसान के लिए अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. विभाग के अनुसार, एक हेक्टेयर पर 100 क्विंटल के हिसाब से 10 हजार रुपए की छूट मिल सकती है. वहीं, दो हेक्टेयर के लिए यह राशि 20 हजार रुपए तक होगी. इस सहायता से किसानों को आलू के भंडारण पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलेगी.

अनुदान के लिए कहां और कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे.
- आधार कार्ड
- जमीन की खतौनी
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
पंजीकरण और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को अनुदान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी.

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