Budget 2026 Expectations
Budget 2026 Expectations
Joint Taxation: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी. इस बजट से आम से लेकर खास तक की उम्मीदें लगी हुई हैं. मिडिल क्लास और टैक्स भरने वाले लोगों को उम्मीदें हैं कि सरकार उनके लिए बहुत अच्छे फैसले ले सकती है. इस बजट में पति-पत्नी की भी बल्ले-बल्ले हो सकती है. सरकार पति-पत्नी को संयुक्त रूप से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ज्वाइंट टैक्स रिटर्न का ऑप्शन ला सकती है. सरकार के इस फैसले से पति-पत्नी की सेविंग्स बढ़ेगी और टैक्स का बोझ कम होगा. इससे घर का बजट नहीं बिगड़ेगा.
कैसे हो सकता है पति-पत्नी को फायदा
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India) ने सुझाव दिया है कि शादीशुदा जोड़ों को अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की जगह एक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिले, जिसमें टैक्स स्लैब और छूट संयुक्त रूप से लागू हों. आपको मालूम हो कि अभी के आयकर नियम के मुताबिक टैक्स व्यवस्था व्यक्ति आधारित है, न कि परिवार आधारित. पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पैन कार्ड से अलग-अलग स्लैब में अपना-अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना पड़ता है. इस तरह से एक परिवार के तौर पर टैक्स में कोई सीधा फायदा नहीं मिलता है.
ऐसी संभावना है कि सरकार इस बजट में ज्वाइंट रिटर्न का नया ऑप्शन दे सकती है. यदि ऐसा हुआ तो इसका सबसे अधिक लाभ उन परिवारों को होगा, जहां पति या पत्नी में से कोई एक ही कमाता है या दोनों की इनकम में बहुत फर्क है. ज्वाइंट टैक्स रिटर्न में पति और पत्नी की आय को जोड़कर टैक्स की गणना की जाएगी. इससे टैक्स छूट का दायरा बढ़ जाएगा और जेब में ज्यादा पैसे बचेंगे. इतना ही नहीं ज्वाइंट टैक्स रिटर्न लागू होने के बाद पति और पत्नी की इनकम दो हिस्सों में मानी जा सकेगी, जिससे स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दो बार मिल सकता है. मौजूदा समय में पति-पत्नी को अपनी बचत का फायदा अलग-अलग लेना पड़ता है, लेकिन नए नियम के बाद पूरे परिवार को एक यूनिट मानकर टैक्स गिना जाएगा.
...तो यह विकल्प भी होगा
ज्वाइंट टैक्स रिटर्न में पति और पत्नी यदि दोनों कमाने वाले हैं यानी वर्किंग हैं तो अलग-अलग आयकर रिटर्न फाइल करने का विकल्प भी होगा. ज्वाइंट टैक्स रिटर्न फाइल करने पर वे तब विचार कर सकते हैं, जब उन्हें इसका लाभ मिल रहा हो. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के ज्वाइंट टैक्स रिटर्न का सुझाव देने के पीछे तर्क यह है कि हमारे देश में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जहां आय का मुख्य स्रोत सिर्फ एक व्यक्ति है. वर्तमान के व्यक्तिगत टैक्स स्लैब के चलते इन परिवारों को सीमित छूट का ही फायदा मिल पाता है. आपको मालूम हो कि अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों में ज्वाइंट टैक्स रिटर्न की व्यवस्था बहुत पहले से लागू है. इन देशों में पूरे परिवार को एक ही यूनिट माना जाता है और उसी हिसाब से टैक्स की गिनती होती है.
बढ़ जाएगी सरचार्ज की सीमा
टैक्सपेयर्स को ज्वाइंट टैक्स रिटर्न लागू होने के बाद एक बड़ा फायदा सरचार्ज को लेकर भी मिल सकता है. अभी 50 लाख रुपए से अधिक की आय पर सरचार्ज लगता है. ज्वाइंट टैक्स रिटर्न लागू होने के बाद पति-पत्नी की संयुक्त आय पर सरचार्ज की सीमा 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 75 लाख रुपए या उससे अधिक की जा सकती है. इसका मतलब है कि यदि पति-पत्नी की इनकम मिलाकर 75 लाख रुपए तक है तो अतिरिक्त टैक्स से राहत मिल सकती है. ऐसा होने के बाद अपर-मिडिल क्लास कपल्स को कम सरचार्ज और कम टैक्स देना होगा. इससे न सिर्फ कपल्स की बचत बढ़ेगी बल्कि अधिक पैसा कमाने और उन रुपए को सही जगहों पर इंवेस्ट करने का हौसला भी मिलेगा.
रोजमर्रा के खर्चों को कम करने को लेकर हो सकती हैं घोषणाएं
बजट 2026 में रोजमर्रा के खर्चों को कम करने को लेकर भी अहम घोषणाएं होने की उम्मीद हैं. जानकारों ने हमेशा इस्तेमाल होने वाली चीजों GST कम करने की सिफारिश की है. सस्ते जूतों पर GST कम करने की सिफारिश की है. खाने-पीने की चीजों के दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र और कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े फंड की घोषणा कर सकती है. इसके अलावा LPG और उर्वरक सब्सिडी का बजट आवंटन यह तय करेगा कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं.