Bank KYC
Bank KYC
अगर आपका बैंक समय-समय पर KYC (Know Your Customer) अपडेट करने का मैसेज या ईमेल भेज रहा है, तो उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. हालांकि, सिर्फ KYC अपडेट न कराने से बैंक तुरंत आपका अकाउंट फ्रीज नहीं करता, लेकिन धीरे-धीरे कई बैंकिंग सेवाओं पर रोक लग सकती है. अगर बार-बार याद दिलाने के बाद भी ग्राहक KYC पूरा नहीं करता, तो RBI के नियमों के तहत बैंक आपका अकाउंट बंद कर सकता है.
क्या होता है KYC?
KYC यानी 'नो योर कस्टमर' एक प्रोसेस है, जिसके जरिए बैंक अपने ग्राहक की पहचान, पता, बिजनेस और वित्तीय स्थिति की पुष्टि करता है. इसके लिए आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज लिए जाते हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए न हो.
कब जरूरी होता है KYC?
नया बैंक खाता खुलवाते समय.
बैंक में बिना खाता रखने वाला व्यक्ति 50 हजार रुपए या उससे अधिक का लेनदेन करे.
अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर करते समय.
ग्राहक की जानकारी पर संदेह होने पर.
कुछ वित्तीय उत्पाद खरीदने या 50 हजार रुपए से अधिक के क्रेडिट कार्ड भुगतान जैसी स्थितियों में.
KYC अपडेट नहीं कराया तो क्या होगा?
अगर किसी ग्राहक का KYC अपडेट होना बाकी है, तो बैंक सबसे पहले उसे SMS, ईमेल, फोन कॉल या पत्र के जरिए सूचना देता है. बैंक एक बार नहीं बल्कि कई बार रिमाइंडर भेजता है ताकि ग्राहक समय रहते प्रक्रिया पूरी कर सके. यदि इसके बाद भी KYC अपडेट नहीं कराया जाता, तो बैंक कुछ बैंकिंग सुविधाओं पर रोक लगा सकता है. ऐसे में ग्राहक को केवल जरूरी या बेसिक बैंकिंग सेवाएं मिल सकती हैं, जबकि नई सुविधाएं या कुछ ट्रांजैक्शन सीमित किए जा सकते हैं.
क्या बैंक तुरंत अकाउंट फ्रीज कर सकता है?
नहीं. RBI के नियमों के अनुसार केवल KYC अपडेट न होने की वजह से बैंक तुरंत अकाउंट फ्रीज नहीं करता.
बैंक पहले ग्राहक को पर्याप्त समय और कई नोटिस देता है. अगर इसके बावजूद ग्राहक KYC पूरा नहीं करता, तब बैंक नियमों के तहत आगे की कार्रवाई कर सकता है. यानी पहले पाबंदियां लगाई जाती हैं और आखिरी विकल्प के तौर पर खाते को बंद करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.
क्या बैंक अकाउंट बंद भी हो सकता है?
हां. Prevention of Money-Laundering (Maintenance of Records) Rules, 2005 के तहत अगर ग्राहक बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी KYC अपडेट नहीं कराता, तो बैंक उचित नोटिस देकर उसका खाता बंद कर सकता है. इसलिए KYC अपडेट को हल्के में लेना सही नहीं है.
कब अकाउंट 'इनऑपरेटिव' माना जाता है?
अगर किसी बैंक खाते में लगातार दो साल तक ग्राहक की ओर से कोई लेनदेन नहीं होता, तो बैंक उसे इनऑपरेटिव (Inoperative Account) घोषित कर सकता है. ऐसे खाते को दोबारा चालू कराने के लिए ग्राहक को KYC अपडेट करना होता है. इसके बाद बैंक RBI की KYC गाइडलाइन का पालन करते हुए खाते को फिर से सक्रिय करता है.
कैसे अपडेट करा सकते हैं KYC?
KYC अपडेट कराने के लिए ग्राहक अपने होम ब्रांच या कई मामलों में किसी अन्य शाखा में भी जाकर जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं. कई बैंक वीडियो KYC, इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए भी यह सुविधा देते हैं. यह सुविधा बैंक के नियमों पर निर्भर करती है.
क्या करें ताकि परेशानी न हो?
बैंक से KYC अपडेट का मैसेज आए तो उसे नजरअंदाज न करें.
समय-समय पर मोबाइल नंबर, पता और पहचान संबंधी जानकारी अपडेट रखें.
केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या शाखा के माध्यम से ही KYC करें.
किसी अनजान लिंक या कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें.
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