scorecardresearch

Farming Success Story: 5 बच्चों को पढ़ाया, पक्का घर बनाया... 20 एकड़ खेती से बदली किसान की किस्मत

झारखंड के गुमला में लोहरदगा के एक किसान बिलेंद्र साहू पिछले 20 साल से खेती कर रहे हैं. वो करीब 20 एकड़ में खेती करते हैं. इससे उनकी अच्छी-खासी कमाई होती है. इससे उन्होंने पक्का मकान बनाया और 5 बच्चों को पढ़ाया. आज उनके दो बच्चे सरकारी नौकरी करते हैं.

vegetable farming vegetable farming

आजकल खेती-किसान मुनाफे का सौदा हो गया है. कई किसान खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं. झारखंड के लोहरदगा के एक किसान हैं, जो अनपढ़ हैं. लेकिन आजकल खेती से अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं. बिलेंद्र साहू ने खेती को मुनाफे का कारोबार बनाया और मिसाल पेश की.

सब्जियों की खेती से मुनाफा-
हिंदी डॉट न्यूज18 डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिलेंद्र साहू 12 एकड़ में मटर की खेती करते हैं. इसके अलावा वो सब्जियों की खेती करते हैं. इसमें गोभी, मूली, सरसों और अरहर की फसलें शामिल हैं. बिलेंद्र कुल मिलाकर 20 एकड़ में खेती करते हैं और अच्छा-खासा लाभ कमाते हैं.

खेती की कमाई से बच्चों की पढ़ाई का खर्च-
ये किसान अनपढ़ हैं. लेकिन अपने अनुभव से खेती करते हैं और मुनाफा कमाते हैं. उन्होंने इस खेती की बदौलत जमीन खरीद ली है. इसके अलावा उन्होंने पक्का मकान भी बनवाया है. इसकी बदौलत उन्होंने अपने 5 बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई. आज उनके 2 बच्चे सरकारी नौकरी करते हैं. बिलेंद्र ने उनकी पढ़ाई का खर्च भी इस खेती से ही निकाला है.

20 साल पहले शुरू की थी खेती-
बिलेंद्र साहू लोहरदगा के मसमानो गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता दिव्यांग थे, जिसकी वजह से बचपन से ही फैमिली की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. इस वजह से वो स्कूल भी नहीं जा सके. लेकिन बिलेंद्र ने हार नहीं मानी. उन्होंने खेती को कमाई का जरिया बनाया. उनके एक दोस्त ने खेती की सलाह दी थी. उनके सलाह पर बिलेंद्र गुमला आए और टोटाम्बी इलाके में खेती की शुरुआत की. आज उनकी अच्छी-खासी कमाई होती है. बिलेंद्र आज गुमला के खरका और सांवरिया इलाकों में करीब 20 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं.

खेती से बिलेंद्र की अच्छी खासी कमाई होती है. इससे उनकी फैमिली की हर जरूरत पूरी होती है. बिलेंद्र उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो खेती-किसानी छोड़कर शहर में नौकरी करने जाते हैं. 

ये भी पढ़ें: