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योगी सरकार में फिरोजाबाद के कांच उद्योग को मिली नई पहचान, ODOP के तहत मिल रही सब्सिडी से कारोबारी खुश तो ज्यादा मजदूरी से खिले कारीगरों के चेहरे

योगी आदित्यनाथ सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP) योजना से फिरोजाबाद के कांच उद्योग को नई पहचान मिली है. सरकारी मदद, सब्सिडी से व्यापारियों को फायदा हो रहा है. टेक्निकल अपग्रेडेशन भी हुआ है. मजदूरों को अच्छी मजदूरी मिल रही है. उनको अब घर छोड़कर दूर नहीं जाना पड़ रहा है.

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विश्व विख्यात कांच की चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद में हर तरह की कांच के वस्तुओं का उत्पादन कर निर्यात किया जाता है. जिसमें प्रमुख रूप से यूरोप, मिडल ईस्ट, अमेरिका, जर्मनी, रूस, जापान, ईरान सहित 100 से अधिक देशों में फिरोजाबाद की कांच की विभिन्न वस्तुओं का निर्यात किया जाता है.

ODOP के तहत कलात्मक कांच उद्योग को नई पहचान-
उत्तर प्रदेश सरकार ने ओडीओपी योजना के तहत फिरोजाबाद के कलात्मक कांच उद्योग को नई पहचान दी है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद कांच उद्योग की इस पुश्तैनी विरासत को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नई पहचान दी है. जब कांच के उत्पाद को एक जनपद एक उत्पाद के तहत श्रेणी में शामिल किया गया तो इस उद्योग को विश्व में पहचान दिलाने के साथ-साथ भविष्य में बेहतर रोजगार का भी जरिया बनाया. खास तौर पर महिलाओं को अधिक रोजगार मिला है. जिले से बाहर काम की तलाश में जाने वाले मजदूरों का पलायन रुका है.

रोजगार और आमदनी का अच्छा जरिया मिला-
ODOP से फिरोजाबाद के कांच उत्पादन के कारोबारियों को कर्ज लेने में और मार्जिन मनी देकर व्यवसाय स्थापित करने में बहुत ज्यादा मदद की है. महिला तथा पुरुष हस्तशिल्पियों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर उत्पाद की गुणवत्ता में अत्यधिक सुधार किया है. यहां तक के फिरोजाबाद कांच का उद्योग कई वर्षों पहले जब मंदी से गुजर रहा था तो यहां के श्रमिक पलायन करने को मजबूर थे. लेकिन अब श्रमिक को बेहतर रोजगार तथा आमदनी का अच्छा जरिया मिल गया है. इसमें ओडीओपी का विशेष योगदान रहा है.

12 साल में जिले में बढ़े लाभार्थी-
पिछले 12 वर्षों में फिरोजाबाद जिले में लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की धनराशि बढ़ोतरी हुई है. चलिए आपको लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की रकम के बारे में बताते हैं.

  • ODOP प्रशिक्षण योजना- 1778 लाभार्थियों को 46.21 लख रुपए की धनराशि भुगतान हुई.
  • ओडीओपी की पोषण योजना- 626 लाभार्थी 3677.91 लाख रुपए की धनराशि भुगतान की गई.
  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना- 5550 लाभार्थी की संख्या 168.3 लाख रुपए की धनराशि भुगतान की गई है.
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना- 624 लाभार्थी 1609 लख रुपए की धनराशि भुगतान की गई.
  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना- 1996 लाभार्थी की संख्या 998 लख रुपए की भुगतान किया गया.
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना- 627 लाभार्थियों की संख्या 1638.89 लाख रुपए की भुगतान किया गया.

सुहागनगरी फिरोजाबाद की खासियत कांच की रंग बिरंगी चूड़ियां हैं, यहां इस चूड़ियों को बनाने की हस्तकला देश विदेश में बेहद प्रसिद्ध है. यहां माउथ ब्लोइंग से बनने वाले उत्पाद होते हैं. एक जनपद एक उत्पाद के तहत जब से फिरोजाबाद को लाया गया है, तब से कांच उद्योगियों मजदूर महिला श्रमिकों में बेहद खुशी है.

टेक्निकल अपग्रेडेशन हुआ है- निर्यातक
प्रमुख निर्यातक राजीव दीक्षित ने कहा कि जो सबसे बड़ा फायदा मिला है. वह यह है कि हमें सरकार से जो सब्सिडी मिली, उतने पीरियड में इंटरेस्ट फ्री लोन मिला और उसे हमने एक और यूनिट स्थापित कर ली. उससे एक और फायदा मिला, हमने टेक्निकल अपग्रेडेशन किया. आगे भविष्य में भी हम कुछ नया करते रहेंगे, ताकि हमको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चीज मिलती हैं. वह हम भारत में बना पाए और भारत का नाम पूरी दुनिया में हो पाए. 

ODOP में ज्यादा सब्सिडी मिलती है- कारोबारी
कांच के कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि फिरोजाबाद में जो कांच का काम होता है. वह विश्व स्तर का काम है. इसमें ओडीओपी के तहत जो सुविधा मिली है, इसमें सब्सिडी सबसे ज्यादा मिलती है. किसी भी कारोबारी को लोन चाहिए तो 25 लाख का 50 लाख का लोन लेते हैं. इसमें सरकार काफी अच्छा सब्सिडी देती है. इससे काफी फायदा हुआ.

पैसे पहले से बढ़कर मिल रहे हैं- कारीगर
हस्तशिल्पी कारीगर स्नेहलता ने बताया कि हमें बहुत फायदा मिला है. पहले से हम लोग बेहतर हैं. यहां काम मिलता है, अच्छा लगता है. काम करने में मन लगता है. इधर-उधर जाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती. पहले नोएडा और दिल्ली जाने की जरूरत पड़ती थी. अब यहीं बहुत अच्छा पैसा मिलता है और हम मन लगाकर काम भी करते हैं. माहौल यहां पर बहुत अच्छा है. किसी तरह का डर नहीं है. आराम से कम कर रहे हैं. पहले से आमदनी भी अच्छी हुई है. पैसे अब पहले से बढ़कर भी मिल रहे हैं. अब कहीं और जाने की कोई जरूरत भी नहीं है.

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