Credit Card
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आज के समय में लाखों लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि अगर किसी कार्डहोल्डर की डेथ को जाती है, तो उसका कर्ज कौन चुकाएगा... बेशक कंपनी अपना पैसा तो छोड़ेगी नहीं, वह वसूलेगी तो जरूर. पर किससे वसूला जाएगा, यह बड़ा सवाल है. कुछ लोगों को लगता है कि कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी परिवार की होगी, तो बता दें कि ऐसा नहीं है. तो फिर आखिर किसकी जिम्मेदारी है? चलिए बताते हैं इससे जुड़े नियम.
क्लियर तौर पर कहें तो इसका कोई सटीक जवाब नहीं. यह सिचुएशन पर डिपेंड करता है. केवल परिवार का सदस्य होने से किसी व्यक्ति पर मृतक के क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं आ जाता. अगर कार्ड किसी एक व्यक्ति के नाम पर था, तो उसकी मृत्यु के बाद बैंक वसूली के लिए उसकी संपत्ति या एस्टेटे को अपनाता है.
अगर मृतक के बैंक अकाउंट, इंवेस्टमेंट, बैंक डिपोजिट या अन्य संपत्ति मौजूद है, तो कानूनी प्रोसेस के जरिए पहले उसी से बकाया चुकाया जाता है. इसके बाद जो संपत्ति बचती है वह वारिसों को मिलती है.
कुछ स्थितियों में नियम अलग हो सकते हैं. यदि कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड का ज्वाइंट कार्डहोल्डर है या उसने किसी तरह की कानूनी जिम्मेदारी ली है, तो उसे बकाया चुकाना पड़ सकता है. लेकिन केवल बेटा, बेटी, भाई या अन्य रिश्तेदार होने से उन पर अपने पैसे से कर्ज चुकाने की कानूनी जिम्मेदारी नहीं आती.
परिवार को सबसे पहले कार्ड जारी करने वाली कंपनी को व्यक्ति की मृत्यु की जानकारी देनी चाहिए. इसके लिए डेथ सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ सकते हैं. इससे कार्ड को बंद करने और आगे की प्रोसेस पूरी करने में आसानी होती है.