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सोने-चांदी की कीमतों में मचा हाहाकार! 10 महीने में 2.40 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी... एक दिन में 7,000 रुपये की भारी गिरावट

सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. चांदी के भाव में आज फिर 7,000 रुपये की भारी कमी आई है, जिसके बाद इसकी कीमत घटकर 1.80 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है.

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सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. पिछले कुछ दिनों से चांदी के भाव में रोजाना हजारों रुपये की कमी आ रही है. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी चांदी की कीमत में करीब 7,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. वहीं, सोने के भाव भी नीचे आ गए हैं. खास बात यह है कि इस साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद चांदी 10 महीने में करीब 2.40 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सोने-चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आ रही है?

चांदी की कीमत में 7,000 रुपये की गिरावट

शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई. शाम 5:08 बजे दिसंबर वायदा वाली चांदी करीब 7,000 रुपये यानी 3.67 फीसदी टूटकर 1,82,500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं, सोने का भाव भी 1.16 फीसदी यानी 1,657 रुपये गिरकर 1,40,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.

इस साल चांदी की कीमत एक समय 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. लेकिन अब इसका भाव करीब 1.80 लाख रुपये के आसपास आ गया है. यानी महज 10 महीने में चांदी करीब 2.40 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी धड़ाम

भारत ही नहीं, विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.26 फीसदी गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया. वहीं, चांदी की कीमत में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई और यह 50.345 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.

सोने-चांदी के दाम गिरने की बड़ी वजहें

  • अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका: अमेरिका में महंगाई लगातार बनी हुई है और अर्थव्यवस्था के आंकड़े भी मजबूत हैं. ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है. इससे सोने-चांदी में निवेश कम हो सकता है.
  • डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर मजबूत होने और बॉन्ड से मिलने वाला फायदा बढ़ने के कारण निवेशक सोने-चांदी से दूरी बना रहे हैं.
  • चांदी की मांग में कमी: चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में होता है. चीन में मांग कम होने और सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों द्वारा चांदी का कम इस्तेमाल करने से इसकी मांग प्रभावित हुई है.
  • कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने हुए हैं. इससे महंगाई बढ़ने की चिंता है. ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं.
  • निवेशकों की मुनाफावसूली: जनवरी में चांदी के भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे. इसके बाद कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी चांदी बेच दी. इससे कीमतों में गिरावट बढ़ गई.