Liquor Shop
Liquor Shop
आपने देखा होगा कि देसी हो या विदेशी शराब का ठेका, हर जगह शराब खरीदने के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है. शराब का करोबार बहुत मुनाफा देने वाला होता है. ऐसे में अधिकांश लोग सोचते हैं कि यदि शराब की दुकान या ठेका खुल गया तो फिर पैसों की बरसात होने लगेगी. जी हां, शराब के ठेके में पैसा तो खूब है लेकिन इसको खोलना उतना आसान नहीं है. सिर्फ पैसा होने से कोई शराब की दुकान नहीं खोल सकता बल्कि इसके लिए सरकार की सख्त शर्तें और कानूनी पेचीदगियां से होकर गुजरना पड़ता है. ऐसा नहीं है कि आप किसी ऑफिस में जाएंगे, वहां पैसा जमा करेंगे और आपकी शराब की दुकान खुल गई. आपको मालूम हो कि सरकार शराब की दुकान (Wine Shop) के आवंटन में पारदर्शी लेकिन बहुत ही जटिल प्रक्रिया अपनाती है, जिसे ई-लॉटरी सिस्टम (E-Lottery System) कहा जाता है.
आबकारी विभाग शराब की दुकानों के लाइसेंस के लिए मांगता है आवेदन
आपको मालूम हो कि आबकारी विभाग (Excise Department) हर साल शराब की दुकानों के लाइसेंस (License) मांगता है. शराब की दुकान खोलने के इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होता है. ध्यान रखें कि हर कई आवेदन नहीं कर सकता है. शराब की दुकान के लिए आवेदन करने वाले उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए. आवेदक का चरित्र साफ-सुथरा होना चाहिए. आवेदक पर किसी थाने में गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए. यदि किसी पर गंभीर आपराधिक मामले में केस दर्ज है तो ऐसे व्यक्ति पहले ही शराब की दुकान का लाइसेंस लेने की रेस से बाहर हो जाएंगे. आपको मालूम हो कि कुछ राज्यों में ऑक्शन यानी बोली लगाकर भी शराब की दुकानों का आवंटन किया जाता है, जिसने ज्यादा बोली लगाई लाइसेंस उसी को मिलता है.
जेब में होने चाहिए इतने लाख रुपए
शराब का कारोबार करने के लिए 10 हजार और 20 हजार रुपए नहीं बल्कि लाखों रुपए होने चाहिए. यदि आप इस धंधा में उतरना चाहते हैं तो आपके पास 15 से 20 लाख रुपए होने चाहिए. शराब का धंधा करने के लिए आपको अपने पैसों को दो हिस्सों में बांटना होगा. कुछ पैसा सरकारी फीस के लिए और कुछ पैसा सेटअप खर्च के लिए रखना होगा. शराब की दुकान के लिए लाइसेंस फीस दुकान की श्रेणी पर निर्भर करती है. यदि आप सिर्फ अंग्रेजी शराब की दुकान या बीयर शॉप खोलना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको लाइसेंस लेने के लिए लगभग 150000 रुपए का भुगतान करना होगा. यदि आपकी योजना परमिट रूम (Permit Room) (जहां लोग बैठकर शराब पी सकें) खोलने की है तो आपको और ज्यादा पैसों का भुगतान करना होगा. इसके लिए आपको लगभग 544000 रुपए देने होंगे. आपको मालूम हो कि आवेदन शुल्क हर जिले के हिसाब से अलग हो सकता है. अब आप सोच रहे हैं कि शराब की दुकान के लिए लाइसेंस मिल गया तो काम पूरा हो गया. यदि आप ऐसा सोच रहे हैं तो गलत हैं क्योंकि असली खर्चा तो लाइसेंस मिलने के बाद होता है.
शराब की दुकान के लिए चाहिए उपयुक्त जगह
लाइसेंस मिलने के बाद शराब की दुकान खोलने के लिए उपयुक्त जगह चाहिए, जिसमें आबकारी विभाग के मानकों का पालन हो. यदि आपने किराया पर दुकान लिया है तो उसका भाड़ा, दुकान की बिजली का बिल और कर्मचारियों की सैलरी के लिए आपके पास पैसा होना चाहिए. इसके बाद सबसे अधिक पैसों की जरूरत शराब का शुरुआती स्टॉक के लिए चाहिए. कुल मिलाकर शराब के धंधे में उतरने के लिए कम से कम 15 से 20 लाख रुपए पास में होने चाहिए. शराब की दुकान के लिए आपकी लॉटरी लग गई और आपने रुपए भी जमा कर दिए, तो यह मत समझ लीजिए की अब सब काम हो गया.
सरकार की कड़ी निगरानी में होता है शराब का कारोबार
आपको मालूम हो कि शराब के कारोबार पर सरकार कड़ी निगरानी रखती है. शराब की दुकान का लाइसेंस देने के साथ ही नियमों की एक लंबी सूची भी थमाई जाती है. इस सूची में शराब बेचने को लेकर नियम रहते हैं. सबसे सख्त नियम उम्र को लेकर होता है. 18 साल से कम उम्र के लोगों को शराब बेचना कानूनन अपराध होता है. यदि किसी शराब की दुकान पर 18 साल से कम उम्र का कोई लड़का शराब खरीदते मिला तो शराब की दुकान की लाइसेंस रद्द हो सकती है. इतना ही नहीं, प्रशासन दुकान खोलने और बंद करने का समय भी तय करता है. ऐसा नहीं है कि आप अपनी मर्जी से जब मन तब शराब की दुकान का शटर खोलकर बैठ जाएंगे. सरकार शराब की कीमत को लेकर भी सख्त रूख अपनाती है. यदि आप तय MRP से एक रुपए भी ज्यादा लेते हैं तो दुकान की लाइसेंस रद्द हो सकती है.
कराना पड़ता है लाइसेंस को रिन्यूअल
शराब की दुकान के लाइसेंस को लेकर एक बड़ी शर्त रखी गई है. यह लाइसेंस जीवन भर के लिए नहीं होता है बल्कि इसकी वैधता सिर्फ एक वित्तीय वर्ष (एक साल) के लिए होती है. इसके बाद लाइसेंस का नवीनीकरण (Renewal) कराना पड़ता है. यदि आप समय पर लाइसेंस रिन्यूअल फीस जमा नहीं करेंगे या कागजी कार्रवाई पूरी नहीं करेंगे तो आपका लाइसेंस रद्द हो सकता है. इस तरह से आपका जोरों से चलता शराब का करोबार ठप हो सकता है. यदि लाइसेंस रद्द होता है तो आपको फिर से पूरी प्रक्रिया यानी आवेदन और लॉटरी से गुजरना पड़ सकता है.