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Income Tax Return Filing Process: आप पहली बार भरने जा रहे इनकम टैक्‍स रिटर्न... तो घबराएं नहीं... बस बगल में रख लें ये डॉक्यूमेंट्स... और यहां से जानें ITR दाखिल करने का स्‍टेप बाय स्‍टेप तरीका

ITR Filing Process: यदि आप पहली बार इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने जा रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको बता रहे हैं आईटीआर दाखिल करने के लिए कौन सा फॉर्म चुनना है, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए, ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने के तरीका क्या है और रिटर्न भरने के बाद क्या करना होता है? आप ITR दाखिल करने का स्‍टेप बाय स्‍टेप तरीका जानकर बिना सीए या एक्सपर्ट के घर बैठे रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.

Income Tax Return Filing Process Income Tax Return Filing Process

ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी ITR दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सभी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 जारी कर दिया है. वेतनभोगी, पेंशनभोगी और निवेशक (ITR-1/ITR-2) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है.

फ्रीलांसर और छोटे कारोबारी (ITR-3/ITR-4, नॉन-ऑडिट) 31 अगस्त 2026 तक और टैक्स ऑडिट वाले मामले में 31 अक्टूबर 2026 तक आईटीआर दाखिल किया जा सकता है. यदि कोई आईटीआर रिटर्न फाइल करने की इन तारीखों को मिस करता है तो उसे 1000 से लेकर 5000 रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है. यदि आप पहली बार ITR भरने जा रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको बता रहे हैं आईटीआर दाखिल करने के लिए कौन सा फॉर्म चुनना है, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए, ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने के तरीका क्या है और रिटर्न भरने के बाद क्या करना होता है? आप ITR दाखिल करने का स्‍टेप बाय स्‍टेप तरीका जानकर बिना सीए या एक्सपर्ट के घर बैठे रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.

क्या है ITR
आपको मालूम हो कि ITR एक फॉर्म है. इसके जरिए टैक्सपेयर यानी करदाता अपनी आय, दिए गए टैक्स, टैक्स बचाने के लिए किए गए निवेश, नुकसान और रिफंड से जुड़ी जानकारी आयकर विभाग के सामने उजागर करते हैं. आईटीआर को हर वित्तीय वर्ष में दाखिल करना अनिवार्य होता है. आयकर विभाग 7 अलग-अलग ITR फॉर्म्स जारी करता है. आईटीआर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को आईटीआर फाइलिंग करना कहते हैं. आईटीआर दाखिल करने से टैक्स नियमों का पालन होता है. यदि आपका टैक्स ज्यादा कट गया है तो उसका रिफंड भी मिल सकता है.

ITR दाखिल करने से पहले इन डॉक्यूमेंट्स को रखें तैयार
आपको मालूम हो कि आईटीआर दाखिल करने से पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखना जरूरी है. इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड,  बैंक अकाउंट डिटेल, फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, टीडीएस सर्टिफिकेट, टैक्स डिडक्शन के दावे के लिए इनवेस्टमेंट प्रूफ, बैंकों और डाकघरों से मिले ब्याज का प्रूफ, छूट क्लेम करने के लिए डोनेशन किया है तो उसकी रसीद, स्टॉक ट्रेडिंग स्टेटमेंट, इंश्योरेंस पॉलिसी की रसीद, आधार से वैलिडेट बैंक खाता, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक से लिया ब्याज सर्टिफिकेट चाहिए.

सही ITR फॉर्म का करें चुनाव 
ITR दाखिल करने की प्रक्रिया में सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है. गलत आईटीआर फॉर्म का चुनाव करने पर रिफंड अटक सकता है. आयकर विभाग से आपके पास नोटिस तक आ जाता है. यदि आपकी इनकम सिर्फ वेतन और ब्याज जैसी सामान्य स्रोतों से है तो ITR-1 फॉर्म सही हो सकता है. कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति या एक से ज्यादा मकानों से आय होने पर ITR-2 फॉर्म की जरूरत पड़ सकती है. बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम करने वालों के लिए ITR-3 फॉर्म और प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम चुनने वालों के लिए ITR-4 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है.

न्यू या ओल्ड टैक्स रिजीम में से किसी एक का करें चुनाव
आप आईटीआर दाखिल करते समय न्यू या ओल्ड टैक्स रिजीम में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं. न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट में रखा गया है. यदि आप ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं तो फिर आपको इसे खुद से बदलना होगा. न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स में छूट प्राप्त करने के लिए बहुत सीमित विकल्प हैं. पुरानी कर व्यवस्था में टैक्सपेयर्स को करीब 70 तरीकों से डिडक्शन और टैक्स छूट का लाभ लेने का मौका मिलता है. 

इनकम टैक्स पोर्टल पर करें लॉगिन 
सही आईटीआर फॉर्म चुनने के बाद इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपने पैन, आधार या यूजर आईडी और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें. यदि आप पहली बार इस पोर्टल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा. ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद e-File सेक्शन में जाकर Income Tax Return और फिर File Income Tax Return पर क्लिक करें.

ऐसा करने के बाद वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 का चुनाव करें. इतना करने के बाद आप नई फाइलिंग शुरू कर सकते हैं या अधूरी रिटर्न को आगे बढ़ा सकते हैं. आपको मालूम हो कि आईटीआर दाखिल कर रहे हैं तो आपको बताना होगा कि आप किस श्रेणी में रिटर्न भर रहे हैं. नौकरीपेशा लोग आमतौर पर Individual कैटेगरी चुनते हैं. अब आप अपनी आय, निवेश और टैक्स बचत से जुड़ी जानकारी को भरें. आपको मालूम हो कि पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई मिल सकती हैं, लेकिन उन्हें अपने डॉक्यूमेंट्स से मिलाकर जरूर जांच लें. ITR भरने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी होता है. ई-वेरिफिकेशन आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर के जरिए किया जा सकता है. आपको मालूम हो कि ई-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को प्रोसेस करता है.

ऑनलाइन आईटीआर ऐसे स्टेप बाय स्टेप करें फाइल
1. सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल (https://eportal.incometax.gov.in/) पर जाएं.
2. फिर ऑफिशियल वेबसाइट पर पैन और यूजर आईडी डालकर अपना पासवर्ड बनाएं और लॉग इन करें.
3. इसके बाद डैशबोर्ड पर, ई-फाईल आयकर रिटर्न > 'आयकर रिटर्न दाखिल करें' पर क्लिक करें.
4. फिर असेसमेंट ईयर का चुनाव करें. जैसे 2026-27 और फिर 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
5. इसके बाद आईटीआर फाइल करने के लिए ऑनलाइन ऑप्शन को चुनें.
6. फिर अपनी टैक्स आय और टीडीएस कैलकुलेशन के हिसाब से अपना आईटीआर फॉर्म चुनें.
7. अपने लिए लागू ITR चुनने के बाद सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को पास रखकर स्टार्ट ऑप्शन पर क्लिक करें.
8. इसके बाद कंप्यूटर या लैपटॉप के स्क्रीन पर कुछ सवाल आएंगे, जो भी आप पर लागू हैं, उसके चेक बॉक्स को मार्क करके कंटीन्यू क्लिक कर दें.
9. डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक अपनी आय और कटौती का ब्योरा अलग-अलग सेक्शन में दर्ज करें.
10. यदि टैक्स लायबिलिटी का मामला है तो आपके दिए गए ब्योरे के आधार पर टैक्स-कैलकुलेशन का संक्षिप्त विवरण दिखेगा.
11. कैलकुलेशन के हिसाब से टैक्स लायबिलिटी बनती है तो अभी भुगतान करें और बाद में भुगतान करें का विकल्प चुन सकते हैं.
12. यदि कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं बनती, तो फिर टैक्स चुकाने के बाद, 'प्रिव्यू रिटर्न' पर क्लिक करना होगा.
13. इसके बाद 'प्रिव्यू और रिटर्न जमा करें' डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करके 'वैलिडेशन के लिए आगे बढ़े' ऑप्शन चुनें.
14. प्रिव्यू देखें और 'रिटर्न जमा करें' पेज पर, वेरिफाई के लिए आगे बढ़ें. रिटर्न को वेरिफाई और ई-सत्यापि करना अनिवार्य है.
15. ई-वेरिफाई पेज पर जिस विकल्प का इस्तेमाल कर आप ई-सत्यापन करना चाहते हैं, उसे चुनें और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
16. एक बार जब आप रिटर्न को ई-वेरिफाई करा लेते हैं तो फार्म के सफलतापूर्व भरे जाने की सूचना स्क्रीन पर दिखती है.
17. ट्रांजैक्शन आईडी और एकनॉलेजमेंट नंबर स्क्रीन पर मिलता है, जिससे आप भविष्य में अपने आईटीआर फॉर्म का स्टेटस चेक कर सकते हैं.
18. ई-फाइलिंग पोर्टल पर आपका जो मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी रजिस्टर्ड है, फॉर्म सफलता पूर्वक भरने जाने का मैसेज मिल जाएगा.
19. रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई जरूर कर लें. तभी रिफंड का पैसा मिलेगा.

ऑफलाइन भी भर सकते हैं ITR
वैसे लोग ऑनलाइन आईटीआर नहीं भरना चाहते, वे आयकर विभाग की वेबसाइट से ऑफलाइन यूटिलिटी डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें सभी जानकारियां भरने के बाद फाइल अपलोड करनी होती है और फिर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है.