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कश्मीर में 'लाल सोना' बनी स्ट्रॉबेरी, पारंपरिक फसलों की जगह किसान उगा रहे स्ट्रॉबेरी, मुनाफा भी डबल

स्ट्रॉबेरी विलेज में करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक तरीके से स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है. कश्मीर में लंबी सर्दियों के बाद सबसे पहले तैयार होने वाली फसलों में चेरी और स्ट्रॉबेरी शामिल हैं.

Strawberry Farming Strawberry Farming

श्रीनगर का गस्सू गांव अब स्ट्रॉबेरी विलेज के नाम से पहचाना जाने लगा है. यहां स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. पारंपरिक फसलों की जगह अब बड़ी संख्या में किसान स्ट्रॉबेरी उगा रहे हैं, क्योंकि यह फसल कम समय में अच्छी आमदनी दे रही है.

किसानों की हो रही अच्छी कमाई
कश्मीर घाटी में स्ट्रॉबेरी की कटाई पिछले महीने के आखिर और मई की शुरुआत में होती है. लंबी सर्दियों के बाद तैयार होने वाली यह पहली फसलों में शामिल है. किसानों का कहना है कि जल्दी तैयार होने की वजह से उन्हें सीजन की शुरुआत में ही अच्छी आमदनी मिल जाती है. यही कारण है कि मध्य कश्मीर में कई किसान अब अपनी खेती का तरीका बदलकर स्ट्रॉबेरी की खेती अपना रहे हैं.

मौसम अनुकूल, युवा भी खेती की ओर बढ़े
स्ट्रॉबेरी उगाने वाले किसानों के मुताबिक इस बार मौसम फसल के लिए अनुकूल रहा, जिससे उत्पादन अच्छा हुआ है. किसानों का कहना है कि स्ट्रॉबेरी की खेती में काफी मेहनत लगती है, लेकिन इसकी मांग और मुनाफा दोनों अच्छे हैं. उनका मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इस खेती से जुड़ना चाहिए ताकि यह परंपरा आगे भी जारी रहे.

किसान सरकार से मिल रही मदद से संतुष्ट हैं, लेकिन मार्केटिंग को लेकर परेशानियां बनी हुई हैं. उनका कहना है कि स्ट्रॉबेरी की शेल्फ लाइफ बहुत कम होती है, इसलिए इसकी खपत ज्यादातर घाटी के जिलों तक ही सीमित रहती है. किसानों ने दूसरे राज्यों तक उपज पहुंचाने के लिए विशेष रेल सेवा शुरू करने की मांग की है.

350 हेक्टेयर में हो रही जैविक खेती
स्ट्रॉबेरी विलेज में करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक तरीके से स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है. कश्मीर में लंबी सर्दियों के बाद सबसे पहले तैयार होने वाली फसलों में चेरी और स्ट्रॉबेरी शामिल हैं. पिछले कुछ सालों में स्ट्रॉबेरी की कीमतों और मांग में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते किसान बड़ी संख्या में इसकी खेती की ओर आकर्षित हुए हैं.

स्ट्रॉबेरी के बाद दूसरी फसल की बुआई भी आसान
किसानों का कहना है कि स्ट्रॉबेरी की खेती से उनकी कमाई बढ़ी है. साथ ही इसकी कटाई जल्दी हो जाने से खेतों में दूसरी फसल की बुआई भी आसानी से हो जाती है.

-अशरफ वानी की रिपोर्ट

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