Moradabad Brass Industry
Moradabad Brass Industry
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में पीतल नगरी मुरादाबाद का ब्रास उद्योग नई रफ्तार पकड़ रहा है. पारंपरिक हैंडीक्रॉफ्ट को नया मुकाम मिल रहा है. यहां का पीतल उद्योग सिर्फ एक कारोबार नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है. समाजवादी पार्टी की सरकार में मुरादाबाद का कारोबार दम तोड़ रहा था, लेकिन योगी सरकार के विजन से नया जीवन मिला है.
मुरादाबाद का ब्रास उद्योग तेजी से विकास कर रहा है. उद्योग से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था में सुधार, बेहतर कारोबारी माहौल और सरकारी प्रोत्साहन के कारण उत्पादन, निर्यात और रोजगार में सकारात्मक बदलाव आया है.
योगी सरकार में कारोबार में आई तेजी- कारोबारी
मुरादाबाद के पीतल कारोबारी राहुल अग्रवाल का कहना है कि योगी सरकार बनने के बाद कारोबार में काफी तेजी आई है. उनका कहना है कि पहले सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब कारोबारी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं. रात में भी बिना किसी डर के काम किया जा सकता है और व्यापारी एक जगह से दूसरी जगह आसानी से आ-जा सकते हैं. उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था मजबूत होने का सीधा फायदा उद्योग और व्यापार को मिला है.
सुरक्षा की कोई चिंता नहीं- तानिया भाटिया
वहीं तानिया भाटिया, जो सोर्सिंग प्रोफेशनल और बॉयर रिक्रूटर है. उन्होंने बताया कि योगी सरकार के बाद उत्तर प्रदेश में विदेशी खरीदार (बायर्स) पहले की तुलना में अधिक सहजता से आने लगे हैं और उनका काम और आसान हो गया है. पहले की सरकार में बायर्स आने से कतराते थे. लेकिन अब उन्हें सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती. इससे मुरादाबाद के पीतल उद्योग के साथ-साथ अन्य कारोबारों को भी फायदा हुआ है और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है.
विदेशों में भेजे जाते हैं प्रोडक्ट-
मुरादाबाद में बनने वाले ब्रासवेयर, होम डेकोर आइटम, धार्मिक मूर्तियां, कैंडल स्टैंड, लैंप, ट्रे, वास और अन्य सजावटी उत्पाद अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व समेत दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले वर्षों में निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे जिले की पहचान वैश्विक बाजार में और मजबूत हुई है.
ODOP के तहत ट्रेनिंग से काम में निखार- कारीगर
कारीगरों ने भी बताया कि ODOP के तहत मिले प्रशिक्षण और टूलकिट से उनके काम में निखार आया है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से अब बड़ी संख्या में लोगों को अपने ही शहर में काम मिल रहा है और बाहर पलायन की आवश्यकता पहले की तुलना में कम हुई है.
प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर 5 लाख लोगों को रोजगार-
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष एवं पीतल कारोबारी नीरज खन्ना के अनुसार, मुरादाबाद में करीब 600 पंजीकृत एक्सपोर्ट यूनिट्स, 3000-3500 पंजीकृत मेटल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और पूरे मेटल हैंडीक्राफ्ट इकोसिस्टम से जुड़ी 30,000-40,000 यूनिट्स कार्यरत हैं. इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5 लाख लोगों को रोजगार मिलता है.
7000 करोड़ का सालाना कारोबार-
उद्योग जगत के अनुसार, मुरादाबाद का पीतल एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट उद्योग आज लगभग 7,000 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार कर रहा है. कारोबारियों का कहना है कि बेहतर कानून-व्यवस्था, उद्योग के अनुकूल माहौल और बढ़ते निर्यात की वजह से मुरादाबाद का पीतल उद्योग लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.
उन्होंने बताया कि सरकार की एमएसएमई और ओडीओपीस योजना बहुत ही लाभदायक है और इससे जुड़ने के लिए सरकार जागरूक करती आ रही है और साथ ही साथ वह हेल्पलाइन भी चला रहे है. helpline@epch.com के जरिये लोग सरकार की इन योजना से जुड़ रहे है और सीख रहे हैं.
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