MP Budget 2026: मिड डे मील में दूध, किसानों को 1 लाख सोलर पंप... मध्य प्रदेश के बजट में क्या है खास, जानें
मध्य प्रदेश विधानसभा में मोहन यादव की सरकार ने 4.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया. इसमें किसानों को एक लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. जबकि लाडली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है. बजट में सिंहस्थ 2028 के लिए 13,851 करोड़ रुपए की व्यवस्था है.
CM Mohan Yadav and Jagdish Devda (Photo/X)
- नई दिल्ली,
- 18 फरवरी 2026,
- (Updated 18 फरवरी 2026, 1:01 PM IST)
मध्य प्रदेश केव वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2026-27 का बजट पेश किया. बीजेपी सरकार ने बजट में किसानों से लेकर महिलाओं तक के लिए खास प्रावधान किए हैं. बजट में किसानों को एक लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है. इसके अलावा बजट में पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. सरकार ने बजट में लाडली बहनों के लिए 23882 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है.
बजट की बड़ी बातें-
मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार ने बजट में महिलाओं से लेकर किसानों तक और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए व्यवस्थाएं की हैं. चलिए बजट के बड़े ऐलान के बारे में बताते हैं.
- किसानों को एक लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए 3000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
- लाडली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान.
- सिंहस्थ 2028 के लिए 13,851 करोड़ रुपए का प्रावधान.
- स्कॉलरशिप योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- 8वीं तक के छात्रों को नये वित्तीय वर्ष से मिड-डे मील में दूध दिया जाएगा.
- किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को हर साल कुल 12 हजार रुपए दिए जाते रहेंगे.
- मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान.
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21630 करोड़ का प्रावधान.
- जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का प्रावधान.
- कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट.
- श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजट.
- सड़कों के रिपेयर के लिए 12,690 करोड़ का प्रावधान.
- खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपए का प्रावधान.
- पीएम आवास योजना के लिए 6850 करोड़ का प्रावधान.
- जी-राम-जी योजना के लिए 10,428 करोड़ का प्रावधान.
- स्वास्थ्य विभाग के लिए 23,747 करोड़ का प्रावधान.
- पंचायत और ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़ का प्रावधान.
- वन एवं पर्यावरण के लिए 6,151 करोड़ रुपये का प्रावधान.
ये भी पढ़ें: