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NPS Vatsalya में बड़ा बदलाव, बच्चों के भविष्य के लिए PFRDA ने निकासी नियम किए आसान

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS वात्सल्य योजना गाइडलाइंस 2026 जारी कर दी है. यह योजना खास तौर पर नाबालिगों के लिए तैयार की गई है, ताकि कम उम्र से ही उनके लिए पेंशन और दीर्घकालिक बचत की शुरुआत हो सके. इस योजना के तहत माता-पिता और अभिभावक बच्चों के नाम पर निवेश कर सकते हैं, जिसे आगे चलकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जोड़ा जा सकता है.

PFRDA (सांकेतिक तस्वीर) PFRDA (सांकेतिक तस्वीर)

बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS वात्सल्य योजना गाइडलाइंस 2026 जारी कर दी है. यह योजना खास तौर पर नाबालिगों के लिए तैयार की गई है, ताकि कम उम्र से ही उनके लिए पेंशन और दीर्घकालिक बचत की शुरुआत हो सके. इस योजना के तहत माता-पिता और अभिभावक बच्चों के नाम पर निवेश कर सकते हैं, जिसे आगे चलकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जोड़ा जा सकता है.

क्या है NPS वात्सल्य योजना
NPS वात्सल्य योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में की गई थी और इसे 18 सितंबर 2024 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया था. यह एक अंशदायी बचत योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों को भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. योजना में निवेश की शुरुआत बचपन से होती है और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर इसे NPS में ट्रांसफर करने का विकल्प मिलता है.

कौन ले सकता है योजना का लाभ
इस योजना का लाभ 18 वर्ष से कम आयु के सभी भारतीय नागरिक ले सकते हैं. इसमें NRI और OCI बच्चे भी शामिल हैं. योजना में बच्चा ही एकमात्र लाभार्थी होता है और खाता उसके नाम पर खोला जाता है, जिसे अभिभावक संचालित करते हैं.

योगदान से जुड़ी अहम बातें
NPS वात्सल्य योजना में न्यूनतम प्रारंभिक और वार्षिक योगदान केवल ₹250 रखा गया है. इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. खास बात यह है कि माता-पिता के अलावा रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चे के खाते में योगदान कर सकते हैं, जिससे सामूहिक रूप से बच्चे के भविष्य के लिए फंड तैयार किया जा सके.

पेंशन फंड का चयन
अभिभावक PFRDA में पंजीकृत किसी एक पेंशन फंड का चयन कर सकते हैं. इससे निवेशकों को अपनी पसंद और जोखिम क्षमता के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है.

आंशिक निकासी की सुविधा
खाता खुलने के तीन साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है. इसमें कुल योगदान का अधिकतम 25% (रिटर्न को छोड़कर) निकाला जा सकता है. यह राशि बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा उपचार या निर्धारित दिव्यांगों की स्थिति में उपयोग की जा सकती है. 18 वर्ष से पहले दो बार और 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच दो बार निकासी की अनुमति है.


18 वर्ष की आयु पूरी होने पर विकल्प
18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर नया KYC कराना अनिवार्य होगा. इसके बाद 21 वर्ष की उम्र तक लाभार्थी के पास तीन विकल्प होंगे.
NPS वात्सल्य योजना को जारी रखना
NPS टियर-I खाते में स्थानांतरण
योजना से बाहर निकलना, जिसमें 80% तक राशि एकमुश्त और कम से कम 20% राशि से पेंशन (एन्युटी) खरीदनी होगी. यदि कुल राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी रकम निकालने की अनुमति होगी.

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