Real Estate Activity
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त्योहारों से पहले रियल एस्टेट बाजार में गतिविधियां बढ़ी हैं. ANAROCK Research के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में टॉप-7 शहरों में करीब 1 लाख 220 घर बिके, जो एक साल पहले के मुकाबले 3 फीसदी ज्यादा हैं. एक साल पहले इसी तिमाही में करीब 97,080 घर बिके थे जबकि पिछली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 के मुकाबले बिक्री 10 फीसदी बढ़ी है. इस दौरान हैदराबाद में बिक्री सबसे ज्यादा 15 फीसदी बढ़ी, जबकि MMR और बेंगलुरु ने मिलकर कुल बिक्री में करीब 48 फीसदी हिस्सेदारी रखी. हालांकि, बिना बिके घरों का स्टॉक भी सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़ा है. ANAROCK के मुताबिक, बढ़ती लागत और अलग-अलग शहरों में मांग के अंतर के बावजूद रेजिडेंशियल मार्केट में बिक्री ने पिछली तिमाही की सुस्ती से कुछ सुधार दिखाया है. घरों की बिक्री की कुल वैल्यू करीब 2 फीसदी बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि एक साल पहले यह करीब 1.52 लाख करोड़ रुपये थी.
MMR और बेंगलुरु में सबसे ज्यादा बिक्री
शहरों में MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) करीब 31,750 घरों की बिक्री के साथ सबसे आगे रहा जबकि बेंगलुरु में करीब 16,670 घर बिके. इन दोनों की टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में करीब 48 फीसदी हिस्सेदारी रही. बाकी शहरों का हाल देखें तो हैदराबाद में हाउसिंग सेल्स 15 फीसदी बढ़कर 12,970 रही. वहीं बेंगलुरु में बिक्री 12 फीसदी बढ़कर करीब 16,670 यूनिट्स, पुणे में सालाना आधार पर बिक्री 6 फीसदी घटकर 15,690, NCR में 1 फीसदी की गिरावट के साथ 13,765, चेन्नई में बिक्री 10 फीसदी घटकर करीब 5,395 और कोलकाता में 4 फीसदी की गिरावट के साथ बिक्री करीब 3,980 यूनिट्स रही.
नई सप्लाई में 18% की बढ़ोतरी
जुलाई-सितंबर तिमाही में डेवलपर्स ने नई हाउसिंग सप्लाई भी बढ़ाई है. टॉप-7 शहरों में करीब 1,14,320 नए घर लॉन्च हुए, जबकि Q3 2025 में करीब 96,690 यूनिट लॉन्च हुई थीं यानी सालाना आधार पर नई सप्लाई 18 फीसदी बढ़ गई है. तिमाही आधार पर भी अप्रैल-जून 2026 के करीब 1,05,995 नए घरों के मुकाबले नई लॉन्चिंग 8 फीसदी बढ़ी है. MMR, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद ने मिलकर कुल नई सप्लाई में करीब 81 फीसदी हिस्सेदारी रखी है.
प्रीमियम घरों का दबदबा बरकरार!
हैदराबाद में करीब 18,950 नए घर लॉन्च हुए जिनमें 97 फीसदी नई सप्लाई 80 लाख रुपये से ऊपर के सेगमेंट में रही. वहीं बेंगलुरु में लॉन्च हुए 17,720 घरों में से करीब 81 फीसदी नई सप्लाई 80 लाख से 2.5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट में रही. NCR में करीब 10,900 नए घर लॉन्च हुए जिसमें 34 फीसदी से ज्यादा नई सप्लाई 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के घरों की थी. हालांकि MMR में करीब 37,500 नए घर लॉन्च हुए जिसमें 51 फीसदी से ज्यादा नई सप्लाई 80 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की थी. लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो नई सप्लाई में सबसे ज्यादा 34 फीसदी हिस्सेदारी 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये वाले घरों की रही और इसके बाद 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 24 फीसदी रही. 40 लाख से 80 लाख रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 17 फीसदी रही, जबकि 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले अफोर्डेबल घरों की हिस्सेदारी 14 फीसदी रही।
बिना बिके घरों का स्टॉक भी बढ़ा
बिक्री बढ़ने के साथ बाजार में उपलब्ध इन्वेंट्री भी बढ़ी है. टॉप-7 शहरों में उपलब्ध हाउसिंग इन्वेंट्री सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर करीब 6,30,590 यूनिट हो गई है. Q3 2025 के आखिर में ये करीब 5,61,760 यूनिट थी. वहीं Q2 2026 के अंत में उपलब्ध इन्वेंट्री करीब 6,16,500 यूनिट थी.
घरों की औसत कीमत 7 फीसदी बढ़ी
टॉप-7 शहरों में घरों की औसत कीमत सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़ गई है. Q3 2025 में औसत कीमत करीब 9,105 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, जो Q3 2026 में बढ़कर करीब 9,714 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई. शहरों में NCR में औसत कीमतों की सालाना बढ़त सबसे ज्यादा 12 फीसदी रही. इसके बाद बेंगलुरु में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, तिमाही आधार पर टॉप-7 शहरों में औसत कीमत सिर्फ 1 फीसदी बढ़ गई है.
त्योहारों में कैसी रह सकती है मांग?
ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, आने वाला त्योहारी सीजन Q3 में दिखी गतिविधि को आगे बढ़ा सकता है. हालांकि, घरों की बढ़ती कीमतों और अफोर्डेबिलिटी की चिंता के चलते खरीदार अभी भी सोच-समझकर फैसला ले सकते हैं. ANAROCK के मुताबिक, स्थिर लोन लागत, त्योहारी माहौल और नए प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन से बिक्री को सपोर्ट मिल सकता है. कंपनी का आकलन है कि मांग बनी हुई है, लेकिन आगे ग्रोथ ज्यादा तेज होने के बजाय नपी-तुली रह सकती है.
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