
अंजीर की खेती
अंजीर की खेती
सहारनपुर के किसान अब सिर्फ गेहूं, धान और गन्ने तक सीमित नहीं रह गए हैं. जिले के कई किसान परंपरागत खेती से हटकर ऐसी खेती की तरफ बढ़ रहे हैं, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने का काम कर रही है. इसी कड़ी में सहारनपुर के गांव खुशहालीपुर के रहने वाले किसान सुधीर कुमार सैनी आज अंजीर की खेती कर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जिस अंजीर को लोग बाजार में महंगे ड्राई फ्रूट के रूप में खरीदते हैं, उसी अंजीर की सफल खेती अब सहारनपुर की जमीन पर हो रही है. खास बात यह है कि इस खेती में एक बार पौधा लगाने के बाद किसान 25 से 30 साल तक लगातार फल ले सकता है और इसमें रासायनिक दवाइयों व भारी लागत की जरूरत भी बेहद कम पड़ती है.
कई सालों से कर रहे ऑर्गेनिक खेती
सुधीर कुमार सैनी पिछले कई वर्षों से ऑर्गेनिक खेती और अलग प्रकार के कृषि प्रयोगों के लिए पहचाने जाते हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनकी प्रोसेसिंग यूनिट में अचार, मुरब्बा, जैम और जेली जैसे उत्पाद बनाए जाते थे. इसी दौरान बाजार से अंजीर चटनी की डिमांड आने लगी. पहले वह बाजार से महंगी अंजीर खरीदकर प्रोडक्ट तैयार करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खुद इसकी खेती करने का फैसला लिया. मौसम और मिट्टी पर रिसर्च करने के बाद उन्होंने अंजीर के पौधे लगाए और आज करीब 12 बीघा में उनका अंजीर का बाग तैयार हो चुका है, जिसमें लगभग 2000 पेड़ है, सहारनपुर का तापमान और क्लाइमेट अंजीर के लिए बेहद अनुकूल साबित हुआ और अब यह खेती उनके लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी है.

अंजीर की खेती में लागत बेहद कम
किसान सुधीर सैनी के मुताबिक अंजीर की खेती में लागत बेहद कम आती है. करीब डेढ़ सौ रुपये में एक पौधा तैयार हो जाता है और एक बार पौधा लगाने के बाद वर्षों तक दोबारा खेत तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती. यह पौधा 40 से 45 डिग्री तापमान में भी आसानी से फल देता है और बीमारियां भी बहुत कम लगती हैं. अगर समय-समय पर पानी और देखभाल मिलती रहे तो एक पेड़ 10 से 15 किलो तक अंजीर दे देता है. उनके मुताबिक 12 बीघा खेत से हर साल करीब 40 से 50 क्विंटल ताजा अंजीर का उत्पादन हो रहा है. बाजार में अंजीर की कीमत 800 रुपये से लेकर 1500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, ऐसे में यह खेती किसानों को शानदार मुनाफा देने का काम कर रही है. हम ताजी अंजीर को प्रक्रिया करके प्रोडक्ट बनाते हैं जितनी अंजीर हमारी निकल जाती है. साल के हिसाब से क्वांटिटी बढ़ जाती है, अंजीर का प्रोसेस करके जो हम प्रोडक्ट बनाकर सेल करते हैं उसे करीब सालाना 25 से 30 लाख का मुनाफा हो जाता है.

अंजीर की खेती कहीं ज्यादा फायदेमंद
सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि सुधीर सैनी अंजीर से टॉनिक, चटनी, ड्रिंक और अन्य कई प्रोडक्ट भी तैयार कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और बढ़ गई है. उनका कहना है कि परंपरागत खेती के मुकाबले अंजीर की खेती कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है. साथ ही अंजीर के पेड़ों के बीच किसान दूसरी फसलें भी उगा सकते हैं, जिससे अतिरिक्त कमाई का रास्ता खुल जाता है. खुशहालीपुर के इस किसान का मॉडल अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है. सहारनपुर में पहली बार बड़े स्तर पर अंजीर की खेती कर रहे सुधीर कुमार सैनी अब उन किसानों के लिए उम्मीद बन चुके हैं, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाली खेती की तलाश कर रहे हैं.
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