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महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की योजना ‘स्टैंड-अप इंडिया’ (Stand-Up India scheme) ने इस साल अच्छी बढ़ोतरी की है. बताया जा रहा है कि साल 2021 में इस योजना के तहत दिए गए लोन की संख्या और इनमें शामिल राशि में 29% की बढ़त हुई है. वह भी कोरोना महामारी के बीच.
क्या है Stand-Up India scheme:
प्रधानमंत्री मोदी की Stand-Up India scheme के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है. जिससे वे अपना कोई उद्यम शुरू कर सकते हैं.
इस स्कीम की शुरुआत साल 2016 में की गई थी.
कौन ले सकता है इस स्कीम का लाभ:
2021 में बढ़ी ऋण आवेदनों की संख्या:
कुछ आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर कहा जा रहा है कि इस स्कीम के तहत ऋण आवेदनों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. 15 दिसंबर, 2020 तक 98,454 ऋण आवेदन हुए थे और इनके लिए स्वीकृत राशि 22,136.21 करोड़ रुपये थी.
लेकिन इस साल 26 दिसंबर, 2021 तक 1,27,440 ऋण आवेदन हुए हैं और स्वीकृत राशि 28,700.36 करोड़ रुपये है.
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2016 में Stand-Up India scheme की शुरुआत के बाद से स्वीकृत आवेदन 7 मार्च, 2018 तक 55,342 थे, जो 10 मार्च, 2020 तक 91,319 हो गए. 23 मार्च, 2021 तक 1,14,322 से अधिक आवेदन थे और इनमें शामिल राशि 25,586 करोड़ रुपये थी.
अब योजना के पोर्टल के नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि प्राप्त आवेदनों की कुल संख्या 2021 में 27 प्रतिशत बढ़ी है.