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9 साल में 18 हजार बड़े और 96 लाख MSME इकाइयां हुईं शुरू, योगी सरकार ने बदली तस्वीर, ऐसे ही नहीं उद्योग जगत की पसंद बना यूपी

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है. ये सूबा उद्योग जगत की पहली पसंद बनता जा रहा है. FICCI, CII और Young Indians (YI) जैसे देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संगठन लगातार सूबे की नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुधारों की तारीफ कर रहे हैं. इन संगठनों की सक्रिय भागीदारी सिर्फ सांकेतिक नहीं है, यह निवेशकों के भरोसे का पैमाना है.

UP CM Yogi Adityanath UP CM Yogi Adityanath

किसी भी सूबे के औद्योगिक विकास की असली चुनौती देश के सबसे बड़े उद्योग संगठनों का भरोसा जीतना होता है. उत्तर प्रदेश इस राह पर आगे निकल चुका है. FICCI, CII और Young Indians (YI) जैसे देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संगठन लगातार सूबे की नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुधारों की तारीफ कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मामले में इन संगठनों का भरोसा खुलकर सामने आ रहा है.

यूपी देश का सबसे सुरक्षित निवेश गंतव्य- सीएम योगी
लखनऊ में हुई FICCI की नेशनल एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रणनीतिक नीतिगत सुधारों और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के दम पर उत्तर प्रदेश देश का सबसे सुरक्षित निवेश गंतव्य बन चुका है. इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वित शासन वाले "डबल इंजन" दृष्टिकोण की वजह से उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. बीते आठ वर्षों में राज्य की GDP दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है, और प्रति व्यक्ति आय में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई है.

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की सपना साहसिक कदम- हर्षवर्धन अग्रवाल
FICCI अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने राज्य की प्रगति को अभूतपूर्व बताते हुए महाकुंभ के सफल आयोजन और अयोध्या के कायाकल्प की खास तारीफ की. उन्होंने कहा कि मज़बूत कानून-व्यवस्था से लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट तक, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस से लेकर आकर्षक सेक्टरल नीतियों तक- प्रगति की गति और पैमाना अभूतपूर्व है और आने वाले पांच-छह वर्षों में राज्य के ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षा को उन्होंने साहसिक और सही समय पर बताया. FICCI उत्तर प्रदेश स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने भी वॉटरवे डेवलपमेंट और फ्रीहोल्ड लैंड सुधारों को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग बदलाव का फायदा उठाने के लिए अहम बताया.

सूबे में 9 साल में 18 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग लगे- सीएम
CII एनुअल बिज़नेस समिट 2026 में भी उत्तर प्रदेश की तस्वीर कुछ ऐसी ही रही. इस मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अपने 9 साल के कार्यकाल में राज्य में 18,000 से ज़्यादा बड़े उद्योग और 96 लाख MSME इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं. उन्होंने इसका श्रेय ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और तकनीक-आधारित गवर्नेंस को दिया. उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल की सफलता का भी ज़िक्र किया, जिसने स्थानीय उद्योगों को ब्रांडिंग, तकनीक, पैकेजिंग और डिज़ाइन सहयोग से जोड़ा है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश अब बिज़नेस रिफॉर्म्स और निवेश आकर्षण के मामले में देश का 'टॉप अचीवर स्टेट' बन चुका है, और अब दूसरे राज्यों के उद्यमी भी विस्तार के लिए यूपी की ओर देख रहे हैं. CII अध्यक्ष राजीव मेमानी ने राज्य की प्रगति को अद्भुत बदलाव बताया और कहा कि निवेशकों की सोच में उत्तर प्रदेश को लेकर काफी बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि मज़बूत गवर्नेंस, बेहतर कानून-व्यवस्था और बिज़नेस-फ्रेंडली नीतियों के चलते अब घरेलू और वैश्विक निवेशक दोनों ही राज्य में सक्रिय रूप से मौके तलाश रहे हैं. CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने भी राज्य के तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया.

FICCI और अकादमिक-स्टार्टअप जुड़ाव-
उद्योग जगत के साथ-साथ FICCI ने राज्य में शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने में भी भूमिका निभाई है. इसका एक उदाहरण है FICCI और IIT कानपुर के बीच हुआ समझौता, जिसका मकसद राज्य में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देना है. इसके अलावा FICCI उत्तर प्रदेश चैप्टर लगातार निर्यात संवर्धन कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण कार्यशालाओं और द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन करता रहा है, जिससे राज्य के व्यापारिक संबंध वैश्विक स्तर पर मज़बूत हो रहे हैं.

Young Indians: भविष्य के उद्यमियों की तैयारी-
CII की युवा शाखा Young Indians (YI) का मकसद युवा नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा देना है. YI का उत्तर प्रदेश चैप्टर राज्य के युवा पेशेवरों और उद्यमियों को नेटवर्किंग, मेंटरशिप और नीति-संवाद जैसे मंच उपलब्ध कराता है, ताकि वे राज्य के औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदार बन सकें. यह पहल खासतौर पर राज्य के MSME और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े युवाओं के लिए एक अहम कड़ी साबित हो रही है, जो जमीनी स्तर के उद्यमियों को बड़े औद्योगिक संगठनों से जोड़ने का काम करती है.

क्यों अहम हैं ये साझेदारियां?
FICCI, CII और YI जैसे संगठनों की सक्रिय भागीदारी सिर्फ सांकेतिक नहीं है, यह निवेशकों के भरोसे का पैमाना है. जब देश के सबसे बड़े औद्योगिक निकाय किसी राज्य की नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था पर मुहर लगाते हैं, तो इसका सीधा असर वहां आने वाले निवेश और स्थापित होने वाले नए उद्योगों पर पड़ता है. उत्तर प्रदेश के लिए यह साझेदारी राज्य को न सिर्फ घरेलू, बल्कि वैश्विक निवेशकों के बीच भी एक भरोसेमंद ब्रांड के तौर पर स्थापित करने में मदद कर रही है, जो राज्य के $1 ट्रिलियन इकॉनमी बनने के सफर को और मजबूती दे रही है.

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