UP Rural Livelihoods Mission
UP Rural Livelihoods Mission
उत्तर प्रदेश के कई गांवों में महिला की आर्थिक आजादी की पहली सीढ़ी होती है स्वयं सहायता समूह (SHG) में हर महीने की छोटी सी बचत. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) इसी सीढ़ी को आगे बढ़ाता है. यह ग्रामीण विकास विभाग के तहत चलने वाला, राष्ट्रीय DAY-NRLM का राज्य स्तरीय मिशन है.
कितना बड़ा है यह नेटवर्क?
2 सितंबर 2026 की राज्य सरकार की विज्ञप्ति के मुताबिक:
राष्ट्रीय स्तर पर, अक्टूबर 2024 तक DAY-NRLM के तहत 10.05 करोड़ महिलाएं करीब 90.87 लाख SHG से जुड़ चुकी थीं.
यह मॉडल कैसे काम करता है?
मिशन एक चरणबद्ध रास्ता बताता है:
आमदनी कहां से आती है?
महिला समूह खेती से जुड़े काम, पशुपालन व डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, स्थानीय उत्पादों और सेवा क्षेत्र में सक्रिय हैं. एक उदाहरण विद्युत सखी कार्यक्रम है, जिसमें SHG की महिलाओं को बिजली बिल वसूली के काम से जोड़ा गया. 2025 के मध्य तक करीब 30,000 महिलाएं इसमें पंजीकृत थीं और 438 विद्युत सखियां लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी थीं.
घर और आजीविका को जोड़ना-
सरकार ने मिशन को यह भी निर्देश दिया है कि ग्रामीण आवास योजनाओं, यानी PM आवास (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की महिला लाभार्थियों को SHG से जोड़ा जाए. सोच यह है कि घर के साथ कमाई का जरिया भी मिले.
याद रखने वाली बात-
मिशन की ताकत सामूहिक प्रयास में है. पूंजी, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियां अकेली महिला के मुकाबले समूह के लिए आसान हो जाती हैं.
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