Credit Card Rule
Credit Card Rule
आजकल कई लोगों के पास एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड होते हैं. वह कई बार ऑफर देखकर कार्ड ले लेते हैं, लेकिन बाद में उसका इस्तेमाल नहीं करते. अगर आपके पास भी ऐसा कोई क्रेडिट कार्ड है जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है या आपने उसे एक्टिवेट ही नहीं किया, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. बिना इस्तेमाल के पड़ा कार्ड आगे चलकर बंद हो सकता है और इसका असर सीधा आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर पड़ सकता है.
RBI के नियमों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड को एक्टिवेट करने से पहले कस्टूमर की इजाजत जरूरी है. अगर कार्ड जारी होने के बाद कस्टूमर ने उसे एक्टिवेट नहीं किया और एक्टिवेशन की इजाजत भी नहीं दी, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को तय नियमों के अनुसार उसे बंद करना होता है. ऐसे मामले में ग्राहक से कार्ड बंद करने का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए.
यह स्थिति अलग है. अगर आपने कार्ड को पहले ही एक्टिवेट कर दिया है, लेकिन लंबे समय से कोई खरीदारी नहीं की, तो कार्ड फिर भी चालू क्रेडिट अकाउंट माना जा सकता है. ऐसे कार्ड पर नियमों के अनुसार सालाना या रिन्यूअल फीस लग सकती है. इसलिए कार्ड की फीस और बाकी शर्तों को समय-समय पर जांचना जरूरी है.
RBI के नियमों के तहत लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न होने पर बैंक या कार्ड कंपनी कस्टूमर को पहले सूचना देकर अकाउंट बंद करने की प्रोसेस शुरू कर सकती है. अमूमन एक साल से ज्यादा समय तक वित्तीय लेनदेन न होने पर कार्ड बंद किए जाने की प्रोसेस हो सकती है.
क्रेडिट कार्ड बंद होने से आपका कुल क्रेडिट लिमिट कम हो सकता है. इससे आपके CIBIL Score पर प्रभाव पड़ सकता है. खासकर अगर बंद होने वाला कार्ड आपकी सबसे पुरानी क्रेडिट लाइन है, तो आपके क्रेडिट इतिहास की लंबाई पर भी असर पड़ सकता है.
अगर कार्ड पर कोई बड़ी सालाना फीस नहीं है और आप उसे रखना चाहते हैं, तो समय-समय पर छोटी खरीदारी करके बिल को समय पर पूरा चुका सकते हैं. वहीं, जिस कार्ड की जरूरत नहीं है या जिस पर ज्यादा फीस लगती है, उसे बंद करने से पहले बैंक से सभी नियम और बकाया जरूर जांच लें.