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आज लगभग हर व्यक्ति का बैंक में खाता होता है. लेकिन जब नया खाता खोलने की बात आती है, तो कई लोग समझ नहीं पाते कि सेविंग्स अकाउंट खुलवाएं या करंट अकाउंट. दोनों खातों का इस्तेमाल अलग-अलग काम के लिए किया जाता है. अगर आप भी दोनों के बीच का फर्क जानना चाहते हैं, तो चलिए दोनों के बीच फर्क बताते हैं.
सेविंग्स अकाउंट यानी बचत खाता. यह आम लोगों के लिए होता है. अगर आप नौकरी करते हैं, पढ़ाई कर रहे हैं या अपने पैसे सेफ रखना चाहते हैं, तो यह खाता आपके लिए सही है.
इस खाते में जमा पैसे पर बैंक ब्याज भी देता है. यानी आपका पैसा बैंक में रखने से धीरे-धीरे बढ़ता रहता है. इसमें एटीएम कार्ड, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन पैसे भेजने जैसी सभी जरूरी सुविधाएं मिलती हैं.
करंट अकाउंट खासतौर पर कारोबार करने वाले लोगों के लिए होता है. अगर आपकी दुकान है, कंपनी है या रोज कई बार पैसे का लेनदेन होता है, तो यह खाता आपके लिए बेहतर है.
इस खाते में आप दिन में कई बार पैसे जमा और निकाल सकते हैं. इसमें लेनदेन की कोई बड़ी परेशानी नहीं होती. हालांकि, इस खाते में बैंक ब्याज नहीं देता. कुछ बैंकों में जरूरत पड़ने पर खाते में मौजूद पैसे से ज्यादा रकम निकालने की सुविधा भी मिलती है.
अगर आप नौकरी करते हैं, हर महीने सैलरी मिलती है या पैसे बचाना चाहते हैं, तो सेविंग्स अकाउंट सबसे अच्छा ऑप्शन है. इसमें आपका पैसा सेफ रहता है और उस पर ब्याज भी मिलता है.
अगर आप बिजनेस करते हैं और हर दिन कई बार पैसे जमा या निकालते हैं, तो करंट अकाउंट आपके लिए ज्यादा सही रहेगा. इससे कारोबार से जुड़े लेनदेन आसानी से हो जाते हैं.