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SBI vs Post Office FD: सेफ फ्यूचर के लिए करना चाहते हैं निवेश, जल्दी करना है पैसा डबल.. जानें किस जगह इन्वेस्टमेंट है बेस्ट?

अधिकांश लोग सेफ फ्यूचर के लिए पैसा इंवेस्ट करते हैं. ज्यादातर लोगों को एफडी पर ज्यादा भरोसा होता है. लेकिन पोस्ट ऑफिस की स्कीम की अच्छे रिटर्न देती हैं. ऐसे में जानें कि बैंक में निवेश करें या पोस्ट ऑफिस स्कीम में.

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भारत में सेफ निवेश की बात होती है तो सबसे पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का नाम याद आता है. करोड़ों लोग अपने फ्यूचर को सेफ करने के लिए बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स में इन्वेस्ट करते हैं. खासतौर पर सरकारी बैंक और पोस्ट ऑफिस पर लोगों का भरोसा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि यहां इन्वेस्टमेंट सेफ मानी जाती है. साथ ही रिटर्न भी अच्छे रेट पर मिलता है.

अगर आप भी इन्वेस्टमेंट के लिए सेफ ऑप्शन खोज रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एफडी और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में कौन ज्यादा रिटर्न देता है और किस योजना में आपका पैसा जल्दी डबल हो सकता है.

एसबीआई एफडी पर कितना मिलता है ब्याज?
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI अलग-अलग अवधि की एफडी पर अलग ब्याज दरें ऑफर करता है. बैंक की ब्याज दरें निवेश की अवधि पर निर्भर करती हैं. वर्तमान में SBI सामान्य ग्राहकों को 1 से 5 साल की एफडी पर करीब 6.25% से 6.45% तक ब्याज दे रहा है.

एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली एफडी पर 6.25 फीसदी ब्याज मिलता है. वहीं, दो साल से तीन साल से कम अवधि की एफडी पर बैंक 6.45 फीसदी तक रिटर्न दे रहा है. इसके अलावा तीन साल से पांच साल तक की एफडी पर ब्याज दर 6.30 फीसदी तय की गई है.

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में ज्यादा है फायदा
अगर पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम की बात करें तो यहां निवेशकों को एसबीआई से ज्यादा ब्याज मिलता है. पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम भी एफडी की तरह ही काम करती है, लेकिन ब्याज दर थोड़ी बेहतर होने की वजह से यह निवेशकों को अट्रैक्ट करती है.

पोस्ट ऑफिस में एक साल के टाइम डिपॉजिट पर 6.9 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. दो साल की अवधि पर 7.0 फीसदी और तीन साल के निवेश पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलता है. वहीं, पांच साल के टाइम डिपॉजिट पर सबसे ज्यादा 7.5 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा है.

कहां जल्दी डबल होता है पैसा?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उनका पैसा कितने समय में दोगुना होगा. इसे समझने के लिए आमतौर पर रूल 72 का इस्तेमाल किया जाता है. इस नियम के अनुसार 72 को ब्याज दर से भाग देकर यह अनुमान लगाया जाता है कि पैसा कितने वर्षों में डबल होगा.

अगर पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की 7.5 फीसदी ब्याज दर को आधार मानें, तो यहां निवेश की रकम लगभग साढ़े 9 साल में दोगुनी हो सकती है. जबकि एसबीआई में ब्याज दर कम होने की वजह से पैसा डबल होने में ज्यादा समय लगता है.