Benefits of ITR Filing
Benefits of ITR Filing
Benefits of Income Tax Return Filing: इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने का समय आ गया है. कई लोग सोचते हैं कि हमारी सालाना इनकम यानी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है तो आईटीआर फाइल करने की क्या जरूरत है? ऐसा सोचने वाले गलत हैं क्योंकि टैक्स देनदारी नहीं होने पर भी ITR फाइल करना बेहद जरूरी है.
हम आज आपको नील इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के 8 जबरदस्त फायदे बता रहे हैं. आपको मालूम हो कि आईटीआर दाखिल करना न सिर्फ टैक्स चुकाने का तरीका है बल्कि आपकी इनकम का एक ऑफिशियल रिकॉर्ड भी यह होता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के डिजिटल दौर में हर वित्तीय लेनदेन पर नजर रख सकता हैं. ऐसे में अपनी सुरक्षा और भरोसे के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना बेहद जरूरी है.
आईटीआर भरने के फायदे
1. टीडीएस रिफंड का फायदा
कई बार ऐसा होता है कि आपकी आय कम होने पर भी हर महीने TDS (Tax Deducted at Source) काटा जाता है. टीडीएस आपकी सैलरी, कमीशन, ब्याज या फीस पर काटा जा सकता है. ऐसे में आईटीआर दाखिल करके ही आप अपना कटा हुआ टीडीएस का पैसा वापस पा सकते हैं. यदि आपकी इनकम पर जरूरत से ज्यादा TDS काटा गया है तो इसे वापस पाने का आपके पास सिर्फ एक ही तरीका है, समस से आईटीआर फाइल करना. बिना आईटीआर भरे यह पैसा आपको कभी वापस नहीं मिलेगा.
2. लोन मिलने में आसानी
यदि आप होम लोन, कार लोन, बिजनेस लोन या पर्सनल लोन के लिए बैंक में आवेदन करते हैं तो बैंक या लोन देने वाली संस्था की तरफ से से पिछले तीन सालों का आईटीआर मांगा जाता है. भले ही आपको इन सालों में टैक्स न देने हो फिर भी आईटीआर आपकी इनकम और वित्तीय स्थिति को दिखाता है.यदि आप आईटीआर फाइल करते हैं तो आपको बैंक से आसानी से लोन मिल जाता है.
3. वीजा के लिए जरूरी
यदि आप पढ़ाई या काम करने के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो आपको वीजा (Visa) की जरूरत पड़ेगी. वीजा के लिए ITR एक महत्वूर्ण डॉक्यूमेंट है क्योंकि वीजा अधिकारी अक्सर पिछले तीन से पांच सालों का ITR रिकॉर्ड मांगते हैं. नियमित रूप से रिटर्न फाइल करना यह दिखाता है कि आप आर्थिक रूप से जिम्मेदार नागरिक हैं, जिससे वीजा मिलने की संभावना बढ़ जाती है. बिना आईटीआर के आवेदन खारिज भी हो सकता है.
4. ऑफिशियल रिकॉर्ड के लिए आईटीआर जरूरी
आईटीआर फाइल करने से आपके पूरे साल की कमाई का एक ऑफिशियल रिकॉर्ड बनता है, जो इनकम टैक्स विभाग के AIS और TIS डेटा से मेल खाता है. ITR फाइल करना आपकी जानकारी को साफ बनाता है. जिससे भविष्य में किसी तरह के नोटिस या जांच की संभावना कम हो जाती है.
5. इंश्योरेंस कवर और इन्वेस्टमेंट में आईटीआर आएगा काम
आपको मालूम हो कि इंश्योरेंस कवर ज्यादा रखने की शर्त पर या फिर 1 करोड़ रुपए तक के टर्म प्लान पर इंश्योरेंस कंपनियां आईटीआर देखती हैं. इनकम का स्रोत और चुकाने की स्थिति को जांचने के लिए कंपनियां आईटीआर मांगती हैं. इसके अलावा यदि आप शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड या दूसरे इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करना चाहते हैं, तो ऐसे समय में भी ITR एक मजबूत फाइनेंशियल रिकॉर्ड के तौर पर काम आता है.
6. क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना होगा आसान
यदि आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो आईटीआर दाखिल करना आपके क्रेडिट स्कोर को मजबूत बनाता है. यह बैंक और अन्य संस्थानों को भरोसा दिलाता है कि आप एक जिम्मेदार करदाता हैं और आपकी फाइनेंशियल कंडीशन स्टेबल है. इससे आपको क्रेडिट कार्ड मिलने में आसानी होगी.
7. बिजनेस के लिए मददगार
आईटीआर बिजनेस शुरू करने के लिए भी भरना जरूरी है. यदि आप किसी विभाग से कॉन्ट्रेक्ट हासिल करना चाहते हैं तो आईटीआर काम आएगा. किसी सरकारी विभाग में कॉन्ट्रेक्ट लेने के लिए भी पिछला ITR जरूरी होता है.
8. एड्रेस प्रूफ का करता है काम
आपके पंजीकृत पते पर आईटीआर रसीद भेजी जाती है. यह एड्रेस प्रूफ के रूप में काम कर सकती है. प्राइवेट जॉब या छोटे बिजनेस में कई बार सैलरी स्लिप नहीं मिलती. ऐसे में आईटीआर ही आपका आधिकारिक इनकम प्रूफ बनता है.