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6वीं से 12वीं तक की फ्री पढ़ाई, यूपी सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना से संवर रही बच्चों की जिंदगी

उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2022 में अटल आवासीय विद्यालय योजना शुरू की. इसके तहत मजदूरों और कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है. इन आवासीय स्कूलों में 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है.

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CM Yogi Adityanath takes selfie with students of Atal Awasiya Vidyalaya (Photo/PTI) CM Yogi Adityanath takes selfie with students of Atal Awasiya Vidyalaya (Photo/PTI)

साल 2022 में उत्तर प्रदेश की अटल आवासीय विद्यालय योजना शुरू हुई. इसके तहत हर मंडल में एक स्कूल के साथ निर्माण श्रमिकों और अन्य कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त CBSE-मान्यता प्राप्त आवासीय शिक्षा दी जाती है.

निर्माण कार्य भारत में सबसे अनिश्चित रोजगारों में से एक है, मजदूर महीनों के लिए पलायन करते हैं, और इसी वजह से उनके बच्चे अक्सर स्थिर स्कूली शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय (AAV) योजना इसी कमी को दूर करने के लिए बनाई गई है. ये योजना साल 2022 में शुरू हुई.

क्या है अटल आवासीय विद्यालय?
यह योजना श्रम एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा लागू की जाती है. इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक मुफ्त आवासीय शिक्षा, रहना-खाना, यूनिफॉर्म और किताबें दी जाती हैं और पाठ्यक्रम CBSE से मान्यता प्राप्त है.

  • उत्तर प्रदेश में 18 स्कूल चल रहे हैं. हर मंडल मुख्यालय पर एक-एक.
  • इनमें से 16 स्कूल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2023 में राष्ट्र को समर्पित किए थे. जिनको बनाने में करीब 1,115 करोड़ रुपये खर्च हुए.
  • दाखिला कक्षा 6 और कक्षा 9 में दिया जाता है और छात्र उसी स्कूल में कक्षा 12 तक पढ़ाई जारी रख सकते हैं.

पात्रता की शर्तें-

  • जिन निर्माण श्रमिकों का UPBOCW में कम से कम एक साल (365 दिन) से रजिस्ट्रेशन हो, उनके बच्चे.
  • अनाथ बच्चे, और कोविड-19 के दौरान महिला कल्याण विभाग द्वारा चिन्हित बच्चे भी पात्र हैं.
  • एक परिवार से अधिकतम दो बच्चे आवेदन कर सकते हैं.
  • रजिस्टर्ड श्रमिक होने की शर्त के अलावा कोई अतिरिक्त आय-सीमा नहीं है, क्योंकि यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से हाशिए पर मौजूद परिवारों के लिए है.
  • 50% सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हैं.

स्कूलों में क्या सुविधाएं-
क्लासरूम के अलावा, इन कैंपसों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल, डाइनिंग हॉल, ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएं, रेजिडेंट नर्स के साथ सिक रूम, और परिसर में ही शिक्षकों के क्वार्टर शामिल हैं. मकसद है उन बच्चों को पूरी तरह से बोर्डिंग-स्कूल जैसा अनुभव मुफ्त में देना, जिनके परिवार अन्यथा इसका खर्च नहीं उठा सकते.

आवेदन कैसे करें?
हर साल आमतौर पर जनवरी के अंत से फरवरी के मध्य के बीच दाखिले की सूचना जारी होती है, और कक्षा 6 व 9 के लिए प्रवेश परीक्षा होती है. आवेदन फॉर्म upbocw.in पर या जिला श्रम कार्यालय से उपलब्ध होते हैं. जरूरी दस्तावेजों में माता-पिता का यूपी लेबर कार्ड/निर्माण श्रमिक रजिस्ट्रेशन और बच्चे का आधार कार्ड शामिल है.

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