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Special Course For Commerce Student: भगवान श्रीकृष्ण का मैनेजमेंट मंत्र सीखेंगे Allahabad University के स्टूडेंट, नए कोर्स में क्या है और कैसे मिलेगी डिग्री, जानिए

Allahabad University के कॉमर्स डिपार्टमेंट ने 5 साल का इंटीग्रेटेड BBA-MBA कोर्स शुरू किया है. इसमें 10 सेमेस्टर होंगे. इसमें मल्टीपल इंट्री, एग्जिट सिस्टम लागू होगा. इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र एक साल बाद पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे सर्टिफिकेट मिलेगा. 2 साल बाद पढ़ाई छोड़ने पर डिप्लोमा और 3 साल बाद बीबीए की डिग्री मिलेगी.

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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने भगवान श्रीकृष्ण के मैनेजमेंट मंत्र को सिखाने के लिए नया कोर्स शुरू किया है. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने भगवान श्रीकृष्ण के मैनेजमेंट मंत्र को सिखाने के लिए नया कोर्स शुरू किया है.

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में कॉमर्स फैकल्टी ने एक कोर्स शुरू किया है. जिसमें छात्र भगवद गीता, रामायण और उपनिषदों के साथ-साथ चाणक्य नीति की पढ़ाई करेंगे. ये कोर्स 5 साल का होगा. एक स्टडी के तहत छात्रों को भगवान श्रीकृष्ण के मैनेजमेंट मंत्र को सिखाया जाएगा. इसके तहत छात्रों को डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त करने की इजाजत होगी.

अष्टांग योग सीखेंगे छात्र-
इस कोर्स के जरिए छात्रों को भगवान श्रीकृष्ण के मैनेजमेंट मंत्र को भी सिखाया जाएगा. इसके साथ ही छात्रों को अध्यात्म से जोड़ने की भी कोशिश की जाएगी. छात्रों को अष्टांग योग सिखाया जाएगा. इसके जरिए छात्रों को विपरित परिस्थितियों में चिंताओं से जूझ रहे मन को शांत रखने में मदद मिलेगी.

बड़े उद्योगपतियों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा-
कॉमर्स डिपार्टमेंट की तरफ से इस कोर्स को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किया गया है. जिसमें 5 साल का संपूर्ण बीबीए-एमबीए पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है. इस स्पेशल कोर्स को करने वाले छात्र देश के जाने-माने उद्योगपति जेआरडी टाटा, अजीम प्रेमजी, धीरूभाई अंबानी, नारायण मूर्ति, सुनील मित्तल और बिड़ला के स्मार्ट प्रबंधकीय फैसलों की जानकारी दी जाएगी और उसकी स्टडी कराई जाएगी.

कैसे और कब मिलेगी डिग्री-  
कॉमर्स फैकल्टी ने पिछले महीने 26 छात्रों के साथ इस कोर्स की शुरुआत की है. इस पाठ्यक्रम में 10 सेमेस्टर होंगे, जो 220 क्रेडिट के होंगे. इसमें मल्टीपल इंट्री, एग्जिट सिस्टम लागू होगा. इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र एक साल बाद अपनी पढ़ाई छोड़ता है तो उसे एक साल का सर्टिफिकेट मिलेगा. अगर छात्र दूसरे साल पढ़ाई छोड़ता है तो उसे डिप्लोमा मिलेगा. जबकि 3 साल में बीबीए की डिग्री और 5वें साल में एमबीए की डिग्री मिलेगी.

कोर्स में स्टार्टअप मैनेजमेंट को भी प्रमुखता-
कोर्स के कोऑर्डिनेटर शेफाली नंदन ने बताया कि भारतीय मैनेजमेंट और प्रैक्टिकल के पेपर के छात्रों को आध्यात्मिकता और मैनेजमेंट, कल्चरल शिष्टाचार, ह्यूमन वैल्यूज और मैनेजमेंट, अष्टांग योग, जीवन का समग्र दृष्टिकोण, ध्यान और तनाव के साथ-साथ सभी विषयों का अध्ययन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप मैनेजमेंट को भी इस कोर्स में प्रमुखता से जोड़ा गया है.

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