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पहली बार Hybrid Mode में होने जा रही CUET-UG की परीक्षा, Bio-Break से लेकर Shift Break Protocol तक… जान लें सभी नियम 

इस साल, 13.4 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने सीयूईटी-यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किए गए हैं. 

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हाइलाइट्स
  • लाखों छात्रों ने किया है रजिस्ट्रेशन  

  • रफ काम के लिए नहीं मिलेगी खाली शीट 

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट (CUET-UG) 2024 बुधवार से शुरू हो रहा है. इसबार पहली बार ये परीक्षा हाइब्रिड मोड में होने जा रही है. ये परीक्षा पेन-पेपर और कंप्यूटर आधारित दोनों होने वाली है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस पूरे प्रोसेस को सुव्यवस्थित करने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एग्जाम देने जा रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं.

कितने प्रश्नों का उत्तर देना है?

छात्रों को जनरल टेस्ट को छोड़कर सभी विषयों में 50 में से 40 प्रश्न हल करने होंगे. वहीं जनरल टेस्ट में उन्हें 60 में से 50 प्रश्न हल करने होंगे. अगर आप ज्यादा प्रश्नों के जवाब देते हैं तो आपके पेपर एवेल्यूशन नहीं किया जाएगा. इसकी मदद से छात्र ये समझ सकते हैं कि आखिर उन्हें पेपर से क्या उम्मीद करनी है और वे परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कैसे कर सकते हैं.

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शिफ्ट ब्रेक प्रोटोकॉल

शिफ्ट ब्रेक के दौरान, अगली शिफ्ट में परीक्षा देने वाले छात्रों को सेंटर के कैंपस से बाहर नहीं रोका जाएगा. इसका उद्देश्य परीक्षा में होने वाली किसी भी तरह की चीटिंग को रोकना है. इसके अलावा, उम्मीदवारों को यह वेरीफाई करना होगा कि टेस्ट बुकलेट कोड ओएमआर कोड से मेल खा रहा है या नहीं. 

लाखों छात्रों ने किया है रजिस्ट्रेशन  

इस साल, 13.4 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने सीयूईटी-यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किए गए हैं. 

सख्त बायो-ब्रेक पॉलिसी

जैसा कि एनटीए द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के लिए आम है, सीयूईटी-यूजी परीक्षा के दौरान किसी भी बायो-ब्रेक की अनुमति नहीं दी जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे इसके हिसाब से ही अपनी योजना बनाएं और परीक्षा के दौरान अपने समय का प्रभावी ढंग से मैनेज  करें. 

इसके अलावा, उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड में जो रिपोर्टिंग/एंट्री टाइम दिया गया है, उसी के हिसाब से सेंटर पर पहुंचना होगा. गेट बंद होने के टाइम के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.  

रफ काम के लिए नहीं मिलेगी खाली शीट 

रफ वर्क के लिए खाली पेपर शीट परीक्षा हॉल में उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी. इसके बजाय, उम्मीदवारों को रफ कार्य के लिए टेस्ट बुकलेट में दिए गए स्थान का ही उपयोग करना होगा. इसके अलावा, उम्मीदवारों को पेपर का टाइम खत्म होने से पहले एग्जामिनेशन रूम छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, भले ही आपका पेपर जल्दी खत्म ही क्यों न हो गया हो. 

परीक्षा के बाद का प्रोसेस 

परीक्षा पूरी करने के बाद, उम्मीदवारों को केवल टेस्ट बुकलेट ले जाने की अनुमति है. ओएमआर शीट और एडमिट कार्ड इंविजिलेटर को सौंपना होगा. यह सुनिश्चित करना उम्मीदवारों की जिम्मेदारी है कि ओएमआर शीट पर सभी जरूरी साइन हैं या नहीं.