
Students Gather at an Examination Centre in Patna to Appear for the JEE Mains 2026 Exam (Photo: PTI)
Students Gather at an Examination Centre in Patna to Appear for the JEE Mains 2026 Exam (Photo: PTI)
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जेईई मेन्स 2026 सत्र 1 (JEE Mains 2026 Session 1) की परीक्षा शुरू कर दी गई है. यह परीक्षा 29 जनवरी 2026 तक चलेगी. इस साल लगभग 14.10 लाख स्टूडेंट्स ने जेईई मेन के लिए आवेदन किया है. जेईई एडवांस्ड एग्जाम (JEE Advanced Exam) का आयोजन IIT रुड़की की ओर से 17 मई 2026 को किया जाएगा. आइए जानते हैं कि जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड में क्या अंतर है और यह एग्जाम इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स कितनी बार दे सकते हैं.

जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड में क्या है अंतर
1. इंजीनियरिंग कोर्स में मिलता है दाखिला
जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड दोनों ही राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं हैं. दोनों ही एग्जाम से इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन मिलता है. जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड दोनों ही एग्जाम में 12वीं साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स शामिल होते हैं. जेईई मेन्स का फुल फॉर्म होता है संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य (Joint Entrance Examination Main) और जेईई एडवांस्ड का पूरा नाम ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन-एडवांस्ड (Joint Entrance Examination-Advanced) है.
2. कौन दे सकते हैं जेईई एडवांस्ड का एग्जाम
जेईई मेन्स स्कोर और रैंक के जरिए NIT, IIIT और राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिलता है, जबकि जेईई एडवांस्ड के जरिए देश के सभी 23 आईआईटी में एडमिशन मिलता है. जेईई मेन्स एग्जाम जेईई एडवांस्ड के लिए एक क्वालीफाइंग परीक्षा भी है. जेईई मेन्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले यानी टॉप रैंक लाने वाले स्टूडेंट्स जेईई एडवांस्ड का एग्जाम हर साल देते हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जेईई मेन्स की परीक्षा आयोजित की जाती है. जेईई एडवांस्ड का आयोजन हर साल अलग-अलग आईआईटी की ओर से किया जाता है.

3. कितने सत्र में होती ही परीक्षा
जेईई मेन्स का आयोजन दो सत्र में किया जाता है जबकि जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन एक ही सेशन में किया जाता है. इस बार जेईई मेन्स 2026 सेशन 1 का एग्जाम 21 जनवरी से 29 जनवरी तक लिया जाएगा. जेईई मेन्स 2026 का दूसरा सेशन अप्रैल 2026 में होगा. इस साल जेईई एडवांस्ड परीक्षा 17 मई 2026 को होगी.
4. साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना अनिवार्य
जेईई मेन्स में वही स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने 12वीं में साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई की है. जनरल कैटेगरी के विद्यार्थियों का 12वीं में 75 फीसदी नंबर और आरक्षित कैटेगरी के छात्र-छात्राओं के पास 65 फीसदी नंबर होना चाहिए. जेईई मेन्स एग्जाम में स्टूडेंट्स कुल तीन बार शामिल हो सकते हैं. पहली बार 12वीं क्लास में पढ़ाई करते हुए और उसके बाद दो साल लगातार. जेईई एडवांस्ड एग्जाम स्टूडेंट्स सिर्फ दो बार दे सकते हैं. पहली बार 12वीं में पढ़ाई करते हुए और उसके अगले साल.

5. क्या होता है एग्जाम पैटर्न
जेईई मेन्स एग्जाम का आयोजन सीबीटी (CBT) मोड में होता है. परीक्षा में दो पेपर होते हैं. पेपर 1 (BE/B.Tech) में मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री से कुल 75 प्रश्न (प्रत्येक से 25) होते हैं. इसमें 20 बहुविकल्पीय (MCQ) और 5 संख्यात्मक (NVQ) प्रश्न होते हैं, सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य होता है. MCQ में नेगेटिव मार्किंग होती है, जबकि न्यूमेरिकल में नहीं होती है. पेपर 2 (B. Arch/B. Planning) के लिए एग्जाम पैटर्न अलग होता है. उधर, जेईई एडवास्ड की परीक्षा में भी दो पेपर होते हैं. दोनों पेपर का समय 3-3 घंटे का होता है. जेईई एडवास्ड की परीक्षा में MCQ, न्यूमेरिकल और मैट्रिक्स-मैच टाइप के प्रश्न पूछे जाते हैं.