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Australia Visa Rules: ऑस्ट्रेलिया ने स्टूडेंट वीजा के नियमों में किए कड़े बदलाव, जानिए कैसे बढ़ेंगी भारतीय विद्यार्थियों की मुश्किलें

सरकार के नए वीजा नियम ऑस्ट्रेलिया में में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को बड़े तौर पर प्रभावित करेंगे. ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं. ये वहां पढ़ने वाले अंतराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है.

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Photo by Hugo Heimendinger Photo by Hugo Heimendinger
हाइलाइट्स
  • एक जुलाई से लागू हुए नए नियम

  • प्रवासन पर लगाम कसने के लिए हुए लागू

ऑस्ट्रेलिया की एंथनी एल्बानीज सरकार ने देश में प्रवासियों का प्रवाह रोकने के लिए नए वीजा नियम लागू किए हैं, जो सीधे तौर पर भारतीय छात्रों को प्रभावित करने वाले हैं. एक जुलाई से लागू होने वाले इस नियमों के तहत, अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों की फीस 710 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (38,973 रुपए) से बढ़ाकर 1600 डॉलर (89,127 रुपए) कर दी गई है. 

अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की फीस बढ़ाने का प्रमुख कारण यह है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार देश में प्रवासियों का प्रवाह रोकना चाहती है. प्रवासियों की संख्या इस समय देश में रिकॉर्ड संख्या पर है, जिसकी वजह से हाउसिंग मार्केट (Housing Market) पर दबाव बढ़ा है. 

भारतीय सबसे ज्यादा प्रभावित?
सरकार का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को बड़े तौर पर प्रभावित करेगा. ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं. ये वहां पढ़ने वाले अंतराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है. इसके अलावा अस्थायी ग्रैजुएट वीजा, आगंतुक वीजा और समुद्री क्रू वीजा रखने वाले लोग ऑस्ट्रेलिया में रहकर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं भर सकेंगे. इस फैसले से भी कई भारतीय विद्यार्थियों पर असर पड़ेगा. 

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ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों और साइबर सुरक्षा के मंत्री क्लेयर ओ'नील ने इन फैसलों पर कहा, "आज लागू होने वाले बदलाव हमारी अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में अखंडता को बहाल करने में मदद करेंगे. ये एक प्रवासन प्रणाली तैयार करेंगे जो ऑस्ट्रेलिया के लिए निष्पक्ष, छोटी और ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहतर परिणाम देने में सक्षम होगी." 

किए और भी बदलाव
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने छात्र वीज़ा के लिए बचत आवश्यकता में भी बदलाव किए हैं. ऑस्ट्रेलिया ने छात्र वीजा के लिए आवश्यक न्यूनतम बचत 24,505 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (13,64,829 रुपए) से बढ़ाकर 29,710 ऑस्ट्रेलियाई  डॉलर (16,54,605 रुपए) कर दी है. इसके अलावा जो छात्र अस्थायी ग्रैजुएट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे थे, उनके लिए नौकरी ढूंढना अनिवार्य हो जाएगा ताकि वे पेशेवर वीजा हासिल कर सकें. अन्यथा उन्हें देश छोड़ना होगा.

ऑस्ट्रेलियाई सरकार की कार्रवाई का एक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि सिर्फ वास्तविक छात्रों को ही वीजा दिया जाए. ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से मार्च में जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि 30 सितंबर, 2023 को समाप्त वर्ष तक ऑस्ट्रेलिया में पांच लाख 48 हजार 800 से ज्यादा प्रवासी थे. सरकारी आंकड़ों से यह भी पता चला कि 2022 में एक लाख से ज्यादा भारतीय विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे थे. जनवरी-सितंबर 2023 के दौरान यह संख्या 1.22 लाख थी. 

फीस बढ़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट वीजा का आवेदन भरना दूसरे देशों की तुलना में बहुत ज्यादा महंगा हो जाएगा. मिसाल के तौर पर, अमेरिका में स्टूडेंट वीजा की कीमत 185 अमेरिकी डॉलर (15,437 रुपए) है, जबकि कनाडा में इसकी कीमत 150 कनाडाई डॉलर (9,144 रुपए) है. 

सरकार ने घोषणा की है कि वह वीज़ा नियमों में उन खामियों को दूर कर रही है जो विदेशी छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रवास को बार-बार बढ़ाने की अनुमति देती हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के 30 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी कम से कम दो बार अपना वीजा रिन्यू करवा चुके हैं.